व्यवसायिक प्रशिक्षण के साथ स्पीच एवं फिजियो थेरपी से दिव्यांग बन रहे आत्मनिर्भर
वंदन पुनर्वास में शिक्षक सम्मान समारोह सम्पन्न

जबलपुर,यशभारत। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए कार्यरत वंदन पुनर्वास एवं अनुसंधान संस्थान एमआर फोर रोड आदि प्लाजा के पीछे स्थित केंद्र में शिक्षकों प्रशिक्षकों के लिए सम्मान समारोह आयोजित हुआ। जिसमें वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ रश्मि शुक्ला, हर्ष इंदु तिवारी, श्रीमती कीर्ति अभिलाष पाण्डेय, श्रीमती श्रद्धा आशीष दुबे, पार्षद श्रीमती सोनिया रंजीत सिंह, श्रीमती मीनल मेहता, सचिव श्रीमती नीता रजक, श्रीमती कल्पना तिवारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने शिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण
वैसे तो किन्हीं भी बच्चों को शिक्षित करना महत्वपूर्ण है परंतु दिव्यांग बच्चों के जीवन में शिक्षण प्रशिक्षण की ज्योत जलाना उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने का कार्य सबसे श्रेष्ठ और वंदनीय है, यह विचार कृषि विश्व विद्यालय की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ श्रीमती रश्मि शुक्ला ने वंदन पुनर्वास एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वंदन पुनर्वास में व्यवसायिक प्रशिक्षण, फिजियो, स्पीच थेरेपी, सांस्कृतिक कला कौशल के माध्यम से सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर हर्ष इंदु तिवारी ने विशेष शिक्षक प्रशिक्षक के द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना की एवं अपनी ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए सदैव इस पुनीत कार्य के लिए मदद करने आश्वासन दिया। इस अवसर पर श्रीमती कीर्ति अभिलाष पाण्डेय एवं श्रीमती श्रद्धा आशीष दुबे, दिव्यांग संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सोनी द्वारा वंदन संस्था के कार्य को वंदनीय निरूपित किया और अपनी ओर से हर संभव मदद करने आश्वासन दिया।
संस्था के प्रभारी प्राचार्य दीपक पटेल, श्रीमती रानू पटेल, आशा पंड्या, नंद लाल, संजय चक्रवर्ती, अमित साहू सहित सभी शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान अतिथियों द्वारा किया गया।साथ ही श्रीमती कीर्ति अभिलाष पाण्डेय का जन्मदिवस दिव्यांग बच्चों एवं सभी ने शुभकामना देकर मनाया। इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम संस्था परिसर में रोपा गया।







