जब चिडिय़ा चुग गई खेत : एमपीईबी शहर में लगाएगा 50 विद्युत पोल, लाखों रुपये मेंटनेंस में होगा खर्च

जबलपुर, यशभारत। अब पछताए होत क्या जब चिडिय़ा चुग गई खेत…यह कहावत एमपीईबी पर सटीक बैठ रही है। वर्षा आते ही शहरभर में लाइट की आंख मिचौली से हर नागरिक त्रस्त है। जिसके चलते अब मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी शहर के खराब हो चुके करीब 50 विद्युत पोलों को बदलने की कवायत कर रही है। ताकि लाइट ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सके। लेकिन यही कवायद यदि वर्षा के पहले की जाती तो शायद लाइट गुल होने की समस्या से निपटा जा सकता था।
संजय अरोरा अधीक्षण अभियंता सिटी ने बताया कि शहर के गढ़ा, पुरवा, रांझी, सदर, अधारताल सहित करीब एक दर्जन क्षेत्रों में बेंड पड़े या पानी में सड़ चुके पोलों की जगह पोल लगाए जा रहे है। इससे नागरिकों, व्यापारियों को फायदा होगा। अभी जो लाइट ट्रिपिंग आती थी उससे निजाद मिल सकेगी।
11 लाख रुपये का आएगा खर्च
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोलों को बदलने का कार्य किया जा रहा है। जिसके चलते एक पोल को बदलने की लागत करीब 22 हजार रुपये आएगी। कुल खर्च 11 लाख रुपये आंका गया है। पोलों को बदलने का कार्य विद्युत विभाग ही करेगा। जिसमें भी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
वर्षों से बैंड थे पोल
अधिकारियों ने बताया कि उक्त क्षेत्रों से अनेक शिकायतें आ रही थी, कि यहां विद्युत पोल वर्षेां से बेंड है या वर्षा के पानी में सड़ चुके है। अनेक पोल तो सड़क दुर्घटनाओं में क्षतिग्रस्त हो चुके थे। जिन्हें अब बदला जा रहा है। बताया जा रहा है कि महीनों से जारी शिकायतों के बाद अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है।






