वार्ड बढ़े, मरीज बढ़े, लेकिन स्टाफ नहीं; भर्ती अटकी तो मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
मेडिकल कॉलेज में नर्सों की कमी से बिगड़ रही स्वास्थ्य व्यवस्था

जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल में पर्याप्त नर्सें नहीं होने से इलाज, देखभाल और व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। हालात यह हैं कि मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि सीमित स्टाफ पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
शिक्षण और पढ़ाई के कारण घटा कार्यबल
मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ के 500 पद स्वीकृत हैं, लेकिन बीते दो वर्षों में 38 नर्सें शिक्षक पद पर चली गईं। वहीं लगभग इतनी ही नर्सें बीएससी और एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए अवकाश पर हैं। इससे अस्पताल में उपलब्ध नर्सिंग स्टाफ की संख्या तेजी से घटी है और कार्यबल पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
वार्ड और बिस्तर बढ़े, सुविधाएं पड़ीं कम
अस्पताल में वार्डों की संख्या 24 से बढ़कर 34 और बिस्तरों की संख्या 800 से बढ़कर 1250 हो चुकी है। करीब एक दर्जन ऑपरेशन थिएटर, नियमित ओपीडी और 24 घंटे इमरजेंसी सेवा के चलते रोजाना 2500 से 3000 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की देखभाल सीमित स्टाफ के भरोसे होना चुनौती बन गया है।
कैंसर और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने बढ़ाया संकट
कैंसर अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए अलग से नर्सों के पद स्वीकृत होने के बावजूद भर्ती नहीं हो सकी। इसके चलते मेडिकल कॉलेज से ही 50 से अधिक नर्सों को वहां भेजा गया, जिससे मुख्य अस्पताल की व्यवस्थाएं और कमजोर हो गईं।
नए वार्डों में भी स्टाफ की भारी कमी
नई बिल्डिंग में बनाए गए छह नए वार्डों में भी पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ नहीं है। नर्सिंग काउंसिल के मानकों के अनुसार जहां प्रत्येक वार्ड में चार नर्सों की जरूरत है, वहां केवल एक नर्स के भरोसे व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी भी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है।
600 नर्सों की भर्ती अब भी फाइलों में
करीब तीन साल पहले 600 नर्सों की भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भर्ती शुरू होते ही स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।








