बिल भरने के बाद भी अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण, बिजली दफ्तर पर दिया धरना

बिल भरने के बाद भी अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण, बिजली दफ्तर पर दिया धरना
भोपाल, यशभारत। राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की तानाशाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। परवलिया सड़क के अंतर्गत आने वाले झिरनिया गांव में विभाग ने त्योहारों के ठीक पहले पूरे गांव की बिजली काट दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग ने उन घरों को भी अंधेरे में धकेल दिया है जिन्होंने समय पर अपने बिलों का भुगतान कर दिया था।
10 का बकाया, 20 भुगत रहे सजा
मिली जानकारी के अनुसार, झिरनिया ग्राम पंचायत में स्थित एक डीपी से कुल 20 कनेक्शन जुड़े हुए हैं। इनमें से 10 उपभोक्ताओं पर बकाया होने के कारण लाइनमैन ने पूरी डीपी ही बंद कर दी। इस कार्रवाई के कारण वे 10 परिवार भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं जिनके पास बिल भुगतान की रसीदें मौजूद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग टारगेट पूरा करने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर सामूहिक दंड दे रहा है।
दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण
बिजली कटने से आक्रोशित ग्रामीण परवलिया बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे। हाथों में बिल जमा करने की रसीदें लेकर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब हमने अपना बिल ईमानदारी से भरा है, तो हमें किस बात की सजा दी जा रही है? त्योहार का समय है और घर में अंधेरा फैला है।
टारगेट के दबाव में नियम भूले अफसर?
सूत्रों की मानें तो उच्च अधिकारियों की ओर से परवलिया सड़क बिजली विभाग को रिकवरी का भारी टारगेट दिया गया है। इसी दबाव में कर्मचारी गांव-गांव जाकर बिना सोचे-समझे लाइन काट रहे हैं। नियमानुसार, विभाग केवल उन्हीं उपभोक्ताओं का कनेक्शन काट सकता है जिनका बिल बकाया है, लेकिन यहाँ पूरी डीपी ही बंद कर दी गई।
हम सुबह से रसीदें लेकर अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। अगर बिजली चालू नहीं हुई, तो हमारा आंदोलन और उग्र होगा। पीड़ित ग्रामीण, झिरनिया









