
प्रयागराज। यमुनानगर के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में सोमवार रात हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस जघन्य वारदात में एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में श्यामलाल गुप्ता उर्फ कल्लू (65), अमरावती (58) और इंद्रावती (55) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने पहले ही संभावित खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब इसी लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घर में घुसकर दौड़ा-दौड़ाकर की गई हत्या
हत्यारों ने घर में मौजूद लोगों पर लोहे की रॉड या किसी भारी वस्तु से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खून से लथपथ शव घर के आहाते से लेकर बाहर लगे हैंडपंप तक पड़े मिले। पुलिस के अनुसार घटना के समय घर में चार लोग मौजूद थे, जिनमें एक बुजुर्ग महिला सुरक्षित मिलीं। उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
सुबह ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर
मंगलवार तड़के ग्रामीण जब घरों से बाहर निकले तो श्यामलाल के घर के सामने दो महिलाओं के शव पड़े दिखाई दिए। पास जाकर देखने पर अमरावती और इंद्रावती मृत अवस्था में मिलीं। वहीं कुछ दूरी पर श्यामलाल का शव भी खून से लथपथ पड़ा था। सूचना मिलते ही पुलिस, एसओजी, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खोजी कुत्ता एक संदिग्ध युवक के घर तक पहुंचकर रुक गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य और फिंगर प्रिंट भी एकत्र किए हैं।
प्रेम प्रसंग के विवाद को लेकर बढ़ा था तनाव
जांच में सामने आया है कि परिवार की युवती प्रिया उर्फ नेहा का गांव के ही हिमांशु यादव नामक युवक से संपर्क था, जिसका परिवार विरोध करता था। फरवरी में दोनों के घर से चले जाने के बाद विवाद और गहरा गया था। बाद में युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था, जहां वह पिछले चार महीनों से रह रही थी। इसी विवाद को लेकर परिवार और आरोपी पक्ष के बीच तनाव बना हुआ था।
शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई नहीं
परिजनों का आरोप है कि संदिग्ध युवक द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं। इसकी शिकायत स्थानीय चौकी में तहरीर देकर और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी की गई थी। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने शिकायत पर यह टिप्पणी दर्ज कर दी कि आवेदक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। यदि शिकायतों को गंभीरता से लेकर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो संभवतः तीन लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
लापरवाही उजागर होते ही दरोगा निलंबित
मामले की जांच के दौरान चौकी स्तर पर बरती गई लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित चौकी प्रभारी रामविलास को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पुलिस महकमा भी प्रारंभिक स्तर पर हुई चूक को स्वीकार कर रहा है।
आरोपी फरार, तलाश में जुटी पुलिस
डीसीपी यमुनापार के अनुसार तीनों मृतकों के सिर पर किसी भारी ब्लंट ऑब्जेक्ट से वार किया गया है। पड़ोस के युवक हिमांशु यादव पर घटना में शामिल होने का संदेह है। घटना के बाद से वह घर से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। घटनास्थल से एक चप्पल भी बरामद हुई है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है।
बड़ा सवाल
कुकुरकटवा का यह तिहरा हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि शिकायतों को अनदेखा करने की कीमत का भी उदाहरण बनकर सामने आया है। अब सवाल यह है कि यदि धमकियों की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई हुई होती, तो क्या तीन निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी?







