
चोरी-छिपे चल रहे अवैध कॉलोनी के नामांतरण
जबलपुर,यश भारत। जिला प्रशासन द्वारा कच्ची प्लाटिंग और अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर सख्त कार्रवाई करते हुए कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी तथा दो दर्जन से अधिक कच्ची प्लाटिंग के नामांतरण पर रोक लगाई गई थी। यह कार्रवाई अधारताल और जबलपुर तहसील क्षेत्र के मामलों में प्रमुख रूप से की गई थी।
कलेक्ट्रेट की कॉलोनी सेल द्वारा इन प्रकरणों की जांच भी जारी थी और अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी मानी जा रही थी। हालांकि अब स्थिति बदलती नजर आ रही है।
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करीबियों को मिल रहा फायदा
सूत्रों के अनुसार जिन खसरों पर नामांतरण पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी, उनमें से कुछ मामलों में चोरी-छिपे नामांतरण की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि तहसील स्तर पर मिलीभगत के जरिए प्रतिबंधित खसरों के नामांतरण कर दिए गए हैं।
ऐसे कई मामले जबलपुर और अधारताल तहसील से सामने आए हैं। फिलहाल यह पूरा मामला दबा हुआ बताया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।







