महालक्ष्मी व्रत आज,घर-घर पूजेंगे गजराज और होगी महालक्ष्मी पूजा
सुनी जाएगी 16 बोल की एक कहानी और लगेगा सुरहा पपड़िया का भोग

जबलपुर यश भारत। आज रविवार को हिन्दुओं का व्रत महालक्ष्मी आस्था और परंपराओं के अनुरूप मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आज घर-घर में मिट्टी के बने हाथी के साथ ही महालक्ष्मी की पूजन भी होगी। घर-घर में अनुष्ठान होगे। इस पर्व पर सुरहा पपड़िया गुझिया चढ़ाने की परंपरा है। इस पर्व को लेकर महाभारत काल की एक कहानी भी काफी प्रचलित है और पूजा के दौरान पुरपाटन गांव की कथा का वचन भी किया जाता है। 16 बोल की एक कहानी सुनो महालक्ष्मी महारानी ब्राह्मण बरुआ कहें कहानी सुनो महालक्ष्मी महारानी का उच्चारण आज हर घर में सुनाई देगा।
महालक्ष्मी शक्ति पीठ में विशेष पूजन अनुष्ठान
अधारताल स्थित श्री महालक्ष्मी शक्तिपीठ पचमठा मंदिर आधारताल में इस पावन अवसर पर आज विशेष पूजन अर्चन किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां राधा अष्टमी से चल रहे लक्ष्मी नारायण कुबेर अनुष्ठान का भी आज समापन है जिसकी पूर्णाहुति शाम को 6:00 बजे होगी। इसकी पूर्व गत दिवस मां महालक्ष्मी एवं श्री यंत्र का भक्तों के द्वारा सहस्रचन मखाना मूंगफली किसमिस एवं सिक्कों से किया गया और मातारानी का भव्य श्रृंगार कमलगट्टा से किया गया।
पंडित नितिन गौतम के अनुसार महालक्ष्मी व्रत एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत है, जो देवी लक्ष्मी की पूजा और आराधना के लिए मनाया जाता है। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।
महालक्ष्मी व्रत का महत्व इस प्रकार है:
– धन और समृद्धि: महालक्ष्मी व्रत के दौरान देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
– सुख और शांति: इस व्रत के प्रभाव से घर में सुख और शांति की वृद्धि होती है।
– नकारात्मक ऊर्जा का नाश: महालक्ष्मी व्रत के दौरान की गई पूजा से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
महालक्ष्मी व्रत की पूजा विधि
– सुबह जल्दी उठें: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
– पूजा की तैयारी: पूजा स्थल को स्वच्छ करें और देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
– पूजा करें: देवी लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें फूल, फल, और अन्य प्रसाद अर्पित करें।
– महालक्ष्मी व्रत कथा: महालक्ष्मी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
महालक्ष्मी व्रत के नियम इस प्रकार हैं:
– उपवास: महालक्ष्मी व्रत के दौरान उपवास रखें और देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
– स्वच्छता: पूजा स्थल और वस्त्र स्वच्छ रखें।
– नियमितता: पूजा और व्रत के नियमों का पालन नियमित रूप से करें।
महालक्ष्मी व्रत का महत्व और लाभ इस प्रकार हैं:
– धन और समृद्धि: महालक्ष्मी व्रत के प्रभाव से घर में धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
– सुख और शांति: इस व्रत के प्रभाव से घर में सुख और शांति की वृद्धि होती है।
– नकारात्मक ऊर्जा का नाश: महालक्ष्मी व्रत के दौरान की गई पूजा से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।







