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फाउंटेन पेन से लिखा संविधान अब एआई के दौर में पहुंचा सुप्रीम कोर्ट जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह

जबलपुर, यश भारत

फाउंटेन पेन से लिखा संविधान अब एआई के दौर में पहुंचा सुप्रीम कोर्ट जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह

जबलपुर, यश भारत। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह ने कहा कि फाउंटेन पेन से लिखा गया हमारा संविधान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पहुंच चुका है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से देश की न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और इससे न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बन रही है।
जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह ने कहा कि किसी कैदी की रिहाई का आदेश पहुंचने में देरी केवल तकनीकी गड़बड़ी नहीं होती, बल्कि उस देरी की वजह से एक व्यक्ति को अतिरिक्त रात जेल में बितानी पड़ती है। इसी प्रकार किसी फॉरेंसिक रिपोर्ट के समय पर उपलब्ध नहीं होने से फरियादी को न्याय मिलने में देरी होती है।
उन्होंने कहा कि अब कोर्ट के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करने के लिए लोगों को मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की नवाचारी डिजिटल पहल अभियोजन पक्ष, पुलिस और आम नागरिकों के लिए न्याय प्रक्रिया के नए द्वार खोल रही है।
जस्टिस सिंह ने कहा कि आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से न्यायपालिका नागरिक अधिकारों के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनेगी। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में मौजूद चुनौतियों को समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।

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