उज्जैन की शाही मस्जिद को निशाना बनाया जाना अफसोस जनक , वक्फ बोर्ड को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की तर्ज पर हो गठन : हाजी मोहम्मद हारून

उज्जैन की शाही मस्जिद को निशाना बनाया जाना अफसोस जनक
वक्फ बोर्ड को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की तर्ज पर हो गठन : हाजी मोहम्मद हारून
भोपाल, यश भारत। जमीयत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने वक्फ बोर्डों के गठन मस्जिदों के संरक्षण और उज्जैन की हालिया घटनाओं को लेकर सरकार और प्रशासन से कई मांगें की हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्डों पर राजनीतिक प्रभाव के कारण वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। जमीयत उलमा ए हिंद लगातार मांग करती रही है कि वक्फ बोर्डों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर सिख समाज की गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की तर्ज पर गठित किया जाए ताकि वक्फ संपत्तियों का संरक्षण स्वतंत्र रूप से हो सके। उज्जैन की शाही मस्जिद के विवाद और उसके कुछ हिस्सों को तोड़े जाने का उल्लेख करते हुए हारून ने कहा कि देश में मंदिरों और मस्जिदों को सुरक्षित रखते हुए रास्ते बनाने की परंपरा रही है। उनका आरोप है कि वर्तमान समय में सड़क विस्तार और कॉरिडोर के नाम पर मस्जिदों को तोड़ा जा रहा है जबकि वैकल्पिक उपायों पर पर्याप्त विचार नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने उज्जैन की तकिया मस्जिद का भी उल्लेख किया और कहा कि उसे महाकाल मंदिर की पार्किंग के नाम पर पूरी तरह तोड़ दिया गया जबकि उनके अनुसार मस्जिद पार्किंग के प्रस्तावित रास्ते से काफी दूर थी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर बहुमंजिला पार्किंग या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा सकता था। हाजी मोहम्मद हारून ने कहा कि उज्जैन शहर में पहले से कई मंदिर और मस्जिदें मौजूद हैं ऐसे में केवल शाही मस्जिद को निशाना बनाया जाना अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि मस्जिद के सामने स्थित संदल वाली इमारत को अधिग्रहित कर उचित मुआवजा देकर रास्ता चौड़ा करने का विकल्प भी अपनाया जा सकता था। उनके अनुसार मुस्लिम समाज भी संपत्ति के मालिक को भुगतान करने के लिए तैयार था लेकिन प्रशासन ने इस विकल्प पर विचार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले नागरिकों के साथ प्रशासन ने मारपीट की और उचित जांच के बिना सैकड़ों लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की कि कथित मारपीट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा मामले में दर्ज मुकदमे वापस लेकर निर्दोष लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। हारून ने यह भी दावा किया कि उज्जैन में कुछ अन्य मस्जिदों की सूची प्रशासन द्वारा तैयार की गई है जिन्हें कॉरिडोर अथवा अन्य आवश्यकताओं के नाम पर हटाने की योजना है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी किसी भी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और विकास कार्यों के लिए वैकल्पिक उपायों को प्राथमिकता दी जाए।






