भोपालमध्य प्रदेश

के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारों की घोषणा: मध्यप्रदेश के 59 पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित

के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारों की घोषणा: मध्यप्रदेश के 59 पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित

भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के जनसंपर्क कक्ष द्वारा वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 के लिए प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा जारी सूची के अनुसार, राज्य में असाधारण वीरता, अदम्य साहस और उत्कृष्ट पुलिस कार्य करने वाले कुल 59 अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें वर्ष 2022-23 के लिए 24 और वर्ष 2023-24 के लिए 35 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

 

यह पुरस्कार तीन अलग-अलग श्रेणियों- परम विशिष्ट, अति विशिष्ट और विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। पुरस्कारों की घोषणा करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने सभी विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की व्यावसायिक दक्षता, समर्पण और जनसेवा की भावना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये अधिकारी और कर्मचारी भविष्य में भी इसी निष्ठा से पुलिस संगठन की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 के लिए 5 पुलिसकर्मियों को परम विशिष्ट श्रेणी के तहत चुना गया है, जिन्हें पुरस्कार स्वरूप एक रिवाल्वर और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इनमें तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (रतलाम) राकेश खाखा, तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक (ग्वालियर) नागेन्द्र सिंह सिकरवार, कार्यवाहक निरीक्षक (नर्मदापुरम) कंचन ठाकुर, और एटीएस इकाई भोपाल के आरक्षक राजेश कुमार व कमलेश सिंह शामिल हैं।

इसी तरह अति विशिष्ट श्रेणी के तहत विजेताओं को एक बारह बोर गन और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2022-23 के लिए इस श्रेणी में सहायक पुलिस आयुक्त (इंदौर) निधि सक्सेना और उप निरीक्षक (नर्मदापुरम) गौरव सिंह बुंदेला को चुना गया है, जबकि वर्ष 2023-24 के लिए 6 पुलिसकर्मियों का चयन हुआ है।

इसके अलावा विशिष्ट श्रेणी के तहत विजेताओं को 50-50 हजार रुपये की नकद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2022-23 के लिए विशिष्ट श्रेणी में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित विभिन्न जिलों के 22 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को चुना गया है, वहीं वर्ष 2023-24 के लिए इस श्रेणी में बालाघाट, सागर, देवास और एटीएस इकाई सहित अन्य विभागों के 24 नाम शामिल हैं। यह पुरस्कार उन पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों, सांप्रदायिक दंगों को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थितियों में अनुकरणीय नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो।

 

 

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