90 डिग्री ब्रिज मामले में सस्पेंड इंजीनियर बहाल दो तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर समेत 7 अधिकारियों को मिली राहत, मंत्री ने दी मंजूरी

90 डिग्री ब्रिज मामले में सस्पेंड इंजीनियर बहाल
दो तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर समेत 7 अधिकारियों को मिली राहत, मंत्री ने दी मंजूरी
भोपाल यश भारत। राजधानी के ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज को लेकर देशभर में चर्चा और आलोचना का विषय बने 90 डिग्री ब्रिज मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। इस मामले में निलंबित किए गए दो तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर समेत कुल 7 इंजीनियरों को शुक्रवार को बहाल कर दिया गया। जानकारी के अनुसार इन इंजीनियरों को 23 जून 2025 को ऐशबाग ब्रिज की डिजाइन और निर्माण संबंधी विवाद के बाद निलंबित किया गया था। बाद में सभी अधिकारियों को आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था। विभाग द्वारा उनके जवाबों का परीक्षण किए जाने के बाद बिना किसी अतिरिक्त कार्रवाई के बहाली के आदेश जारी किए गए। सूत्रों के मुताबिक, प्रमुख सचिव पीएस के प्रस्ताव पर मंत्री स्तर से बहाली को मंजूरी दी गई। इसके बाद संबंधित आदेश जारी कर दिए गए। गौरतलब है कि ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज अपने असामान्य मोड़ को लेकर विवादों में आया था। इसे 90 डिग्री ब्रिज कहा गया, जबकि तकनीकी रूप से ब्रिज का एंगल करीब 119 डिग्री बताया गया था। ब्रिज के तीखे मोड़ को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सवाल उठे थे और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर टिप्पणी हुई थी। मामले ने उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी काफी हलचल मचाई थी। अब इंजीनियरों की बहाली के फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है।






