वेनिस बिएनाले में भारत की दमदार मौजूदगी, ईशा अंबानी ने वैश्विक मंच से रखी संस्कृति की बात, दूरियों का भूगोल प्रदर्शनी के जरिए कला, पहचान, स्मृतियों और अपनत्व पर केंद्रित रहा विमर्श

मुंबई, यश भारत – विश्व के प्रतिष्ठित मंच पर भारत की उपस्थिति इटली के Venice वेनिस शहर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ला बिएनाले दी वेनेजिया में इस बार भारत की सांस्कृतिक मौजूदगी खास आकर्षण का केंद्र बनी। यह आयोजन वैश्विक कला जगत का प्रतिष्ठित मंच माना जाता है, जहां विभिन्न देशों के कलाकार, क्यूरेटर और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
ईशा अंबानी ने रखा भारत का पक्ष
ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, इतिहास, स्मृतियों और अपनत्व की कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने का जरिया भी है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध विरासत का उल्लेख किया।
‘दूरियों का भूगोल’ बनी चर्चा का केंद्र
कार्यक्रम में “दूरियों का भूगोल” विषय के तहत दूरी, स्मृति, पहचान और घर जैसी भावनात्मक अवधारणाओं को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने सराहा।
नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र की अहम भूमिका
नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र ने इस आयोजन में भारतीय कला को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था लगातार भारतीय कलाकारों और सांस्कृतिक परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है।
सामाजिक माध्यमों पर भी चर्चा
कार्यक्रम से जुड़े कई संदेश सामाजिक माध्यमों पर साझा किए गए, जिनमें भारत की सांस्कृतिक उपलब्धि और वैश्विक पहचान को प्रमुखता से दर्शाया गया।
सांस्कृतिक कूटनीति के लिहाज से अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि वेनिस कला प्रदर्शनी जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी देश की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करती है और भारतीय कला को वैश्विक पहचान दिलाती






