यश भारत भोपाल।

शरद पूर्णिमा पर मिठाई दुकानों का निरीक्षण, पनीर-मावा-दूध और लड्डुओं के नमूने लिए
चांदी वर्क के नाम पर एल्युमिनियम के इस्तेमाल को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क
भोपाल, यश भारत। शरद पूर्णिमा के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जिला भोपाल की टीम ने विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए। कार्रवाई के दौरान पनीर मावा दूध और विशेष रूप से तैयार लड्डुओं के नमूने एकत्र किए गए। इन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार जय श्री कृष्ण स्वीट्स अमरनाथ से पनीर मावा और दूध के नमूने लिए गए। गुर्जर डेयरी एवं स्वीट्स छोला रोड से मावा और शरद पूर्णिमा स्पेशल लड्डुओं के नमूने लिए गए। वहीं गुप्ता स्वीट्स एंड नमकीन छोला रोड से मावा और मावे के लड्डुओं के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
मिठाइयों की चमक देखकर न करें गुणवत्ता का फैसला
त्योहारी सीजन में मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए उन पर चांदी का वर्क लगाया जाता है। विभाग ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि खाद्य मानकों के अनुरूप चांदी का वर्क ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। एल्युमिनियम या अन्य गैर-अनुमोदित धातुओं का खाद्य पदार्थों में उपयोग नहीं होना चाहिए।
घरेलू तरीके से पहचान की पुष्टि संभव नहीं
प्रचलित तरीके के अनुसार चांदी का पतला वर्क रगड़ने पर बारीक कणों में बिखर सकता है जबकि एल्युमिनियम वर्क सिकुड़कर गांठ जैसी आकृति बना सकता है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रमाणित जांच विधि नहीं है। वर्क की वास्तविक धातु की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से ही संभव है।
विश्वसनीय दुकानों से खरीदें मिठाई
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखें। केवल चमक देखकर मिठाई न खरीदें और संदिग्ध वर्क के संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचना दें। खाद्य कारोबारियों से भी अनुमत सामग्री का उपयोग करने की अपील की गई है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।। शरद पूर्णिमा के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जिला भोपाल की टीम ने विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए। कार्रवाई के दौरान पनीर मावा दूध और विशेष रूप से तैयार लड्डुओं के नमूने एकत्र किए गए। इन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार जय श्री कृष्ण स्वीट्स अमरनाथ से पनीर मावा और दूध के नमूने लिए गए। गुर्जर डेयरी एवं स्वीट्स छोला रोड से मावा और शरद पूर्णिमा स्पेशल लड्डुओं के नमूने लिए गए। वहीं गुप्ता स्वीट्स एंड नमकीन छोला रोड से मावा और मावे के लड्डुओं के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
मिठाइयों की चमक देखकर न करें गुणवत्ता का फैसला
त्योहारी सीजन में मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए उन पर चांदी का वर्क लगाया जाता है। विभाग ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि खाद्य मानकों के अनुरूप चांदी का वर्क ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। एल्युमिनियम या अन्य गैर-अनुमोदित धातुओं का खाद्य पदार्थों में उपयोग नहीं होना चाहिए।
घरेलू तरीके से पहचान की पुष्टि संभव नहीं
प्रचलित तरीके के अनुसार चांदी का पतला वर्क रगड़ने पर बारीक कणों में बिखर सकता है जबकि एल्युमिनियम वर्क सिकुड़कर गांठ जैसी आकृति बना सकता है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रमाणित जांच विधि नहीं है। वर्क की वास्तविक धातु की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से ही संभव है।
विश्वसनीय दुकानों से खरीदें मिठाई
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखें। केवल चमक देखकर मिठाई न खरीदें और संदिग्ध वर्क के संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचना दें। खाद्य कारोबारियों से भी अनुमत सामग्री का उपयोग करने की अपील की गई है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।







