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भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा अब सीआईएसएफ के हाथों में

296 जवानों की आधिकारिक तैनाती

नंगल। देश की सबसे अहम जलविद्युत और सिंचाई परियोजनाओं में शामिल भाखड़ा बांध की सुरक्षा अब और अधिक मजबूत हो गई है। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भाखड़ा बांध परियोजना (BDP) नंगल की सुरक्षा का जिम्मा आधिकारिक रूप से संभाल लिया है।

इस अवसर पर सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का अधिष्ठापन समारोह 22 अक्टूबर को एक गरिमामय आयोजन के साथ संपन्न हुआ। समारोह में सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी — महानिरीक्षक नवज्योति गोगोई, उप महानिरीक्षक एम.के. यादव, बीबीएमबी के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी तथा यूनिट कमांडर कमांडेंट प्रतीक रघुवंशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस समारोह में राज्य पुलिस से सीआईएसएफ को सुरक्षा की औपचारिक कमान सौंप दी गई।

भाखड़ा बांध (हिमाचल प्रदेश) और नांगल बांध (पंजाब) सतलुज नदी पर निर्मित विशाल गोबिंद सागर जलाशय का हिस्सा हैं। 226 मीटर ऊँचा और 518 मीटर लंबा यह बांध एशिया के सबसे ऊँचे बांधों में से एक है। इसकी जलधारण क्षमता 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर है, जो इसे देश का तीसरा सबसे बड़ा जलाशय बनाती है। यह उत्तर भारत में सिंचाई, बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति की रीढ़ की हड्डी है।

पहले इस बांध की सुरक्षा संबंधित राज्य पुलिस के जिम्मे थी, लेकिन आतंकवाद और तोड़फोड़ के बढ़ते खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र जवानों की विशेष सीआईएसएफ यूनिट की तैनाती को मंजूरी दी थी।

यह निर्णय बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत लिया गया, जिसके अनुसार प्रमुख बांधों की सुरक्षा अब केंद्रीय बलों को सौंपी जाएगी। सीआईएसएफ अब बांध की दीवारों, जल द्वारों, बिजलीघरों और प्रवेश द्वारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी, जबकि राज्य पुलिस सहायक भूमिका निभाएगी।

इस कदम से न केवल भाखड़ा बांध बल्कि पूरे उत्तर भारत की ऊर्जा और जल आपूर्ति सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।

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