डेंगू का बढ़ता खतरा: मृतक की गर्भवती पत्नी और भाई भी संक्रमित, परिवार में तीन मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

सतना। जिले में डेंगू संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। डेंगू से 30 वर्षीय राजेश कोरी की मौत के बाद अब उसके परिवार के दो अन्य सदस्यों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। मृतक की 25 वर्षीय पत्नी प्रियंका कोरी और 18 वर्षीय भाई अजय कोरी की एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि प्रियंका सात महीने की गर्भवती है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी है।
जानकारी के मुताबिक, राजेश कोरी की एक नवंबर को डेंगू संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। उसका परिवार पुणे में रहता था। तबीयत बिगड़ने के बाद वह सतना आया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की आशंका को देखते हुए परिवार के 10 सदस्यों के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में प्रियंका और अजय के संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
गर्भवती प्रियंका की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान डेंगू संक्रमण में मरीज की नियमित निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जरूरी है।
बगहा और रामनगर में भी मिले मरीज
डेंगू संक्रमण का दायरा एक परिवार तक सीमित नहीं है। बगहा निवासी राजकुमार कुशवाहा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। वह बिरला अस्पताल में भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते दो दिनों में जिले में पांच नए डेंगू संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल बताए गए हैं, जबकि अन्य मरीज रामनगर और बगहा क्षेत्र से हैं। मलेरिया विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में जिले में डेंगू के कुल 10 मरीजों की पहचान हुई है।
निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों को नोटिस
लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटरों को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा है कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से संक्रमित पाए जाने वाले प्रत्येक मरीज की जानकारी तत्काल आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज की जाए। जानकारी छिपाने या रिपोर्टिंग में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डेंगू के बढ़ते मामलों ने जिले में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और निगरानी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। खासकर एक ही परिवार में संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद लोगों को अपने आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरों से बचाव करने और बुखार आने पर समय पर जांच कराने की जरूरत है।







