परमाणु की आहट, विरोध में जलती जल-क्रांति: तालाब में उतरे ग्रामीण, प्रशासन ने निकाला बाहर

रीवा।प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में जिले के रोझौही में चल रहे जल सत्याग्रह के बीच प्रशासनिक टीम तालाब पर पहुंची। टीम ने आप नेता और प्रदर्शनकारियों को तालाब से बाहर निकलवाया। इसके बाद प्रमोद शर्मा समेत चार लोगों को एंबुलेंस से इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया।
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को मौखिक आश्वासन दिया कि अगले 10 दिनों तक रोझौही में परियोजना से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं होगी। हालांकि, इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया ।
बताया जा रहा है कि रोझौही में प्रस्तावित परमाणु बिजली संयंत्र के विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने प्रशासन पर अपनी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
परिजनों को 1 लाख रुपए की मदद
आंदोलन के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार रोझौही पहुंचे थे। उन्होंने जल सत्याग्रह कर रहे आदिवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने विमला के परिजनों से बात करके उन्हें 1 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी।







