मध्यप्रदेशमुख्य ख़बरें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा : बनेगा फूड पार्क, जीराशंकर चावल और जंबो सीताफल को मिलेगी नई पहचान… देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है की सिवनी में जल्द फूड पार्क स्थापित किया जाएगा, जहां स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर उनका मूल्य संवर्धन किया जा सकेगा। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने जीराशंकर चावल और जंबो सीताफल को सिवनी जिले की विशिष्ट पहचान बताते हुए कहा कि इन उत्पादों को प्रसंस्करण और बेहतर विपणन के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। जिले में टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने खेती को परंपरागत फसलों तक सीमित न रखते हुए विविधीकरण अपनाने की जरूरत बताई।

फूड पार्क की घोषणा को जिले के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल किसानों के सामने उपज के भंडारण, प्रसंस्करण और उचित बाजार उपलब्ध कराने की चुनौती रहती है। ऐसे में फूड पार्क स्थापित होने पर कृषि आधारित इकाइयों, पैकेजिंग, ग्रेडिंग और भंडारण जैसी सुविधाओं के विकास का रास्ता खुल सकता है। हालांकि इसकी स्थापना के लिए स्थान, निवेश और निर्माण की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

मुख्यमंत्री ने रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने तथा धान उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तिथि 4 नवंबर तक बढ़ाने की जानकारी भी दी। इससे पंजीयन से छूटे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए कृषि को आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी से जोड़ने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में सांसद भारती पारधी, विधायक दिनेश राय और अन्य जनप्रतिनिधियों ने किसानों की आय बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही। किसानों से नरवाई नहीं जलाने और कम पानी वाली फसलें अपनाने की अपील की गई।पेंच व्यपवर्तन परियोजना के लिए राशि आवंटित होने का भी उल्लेख किया गया।

महोत्सव में किसानों ने ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती, जंबो सीताफल उत्पादन और डेयरी व्यवसाय के अनुभव साझा किए। चारगांव के किसान जितेंद्र बघेल ने अपने डेयरी व्यवसाय से प्रतिदिन 80 से 85 लीटर दूध उत्पादन की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य और फसल प्रबंधन पर मार्गदर्शन दिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button