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यश भारत इनसाइड स्टोरी : बोलेरो में सवार फर्जी सीएमएचओ, चार शातिर बदमाशों ने ऐसे बनाया गिरोह

मंडला ।ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और निजी क्लीनिक संचालकों के बीच फैला प्रशासनिक कार्रवाई का डर ठगों के लिए मोटी कमाई का जरिया बन गया। बम्हनी -बंजर पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सरकारी बोर्ड लगी गाड़ी में घूम-घूमकर भोले-भाले क्लीनिक संचालकों को सील करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था।

 

जिले के नैनपुर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर क्लीनिक संचालकों से अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह का बम्हनी-बंजर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन आरोपियों को अभिरक्षा में ले लिया है, जबकि एक आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

 

 चार शातिर बदमाशों का एक गिरोह मध्यप्रदेश शासन लिखी बोलेरो गाड़ी में सवार होकर ग्रामीण अंचलों में संचालित झोलाछाप व अन्य प्राइवेट क्लीनिकों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को सीएमएचओ कार्यालय मंडला से आया विभागीय अधिकारी बताते थे और कार्रवाई का खौफ दिखाकर क्लीनिक संचालकों पर दबाव बनाते थे।

20 हजार रुपये ठगने के बाद खुला राज 

फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने नैनपुर क्षेत्र के ग्राम मक्के में संचालित एक क्लीनिक के संचालक युवराज गोस्वामी से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली कर ली। इसके बाद आरोपियों ने ग्राम जामगांव में भी एक अन्य क्लीनिक संचालक से एक हजार रुपये एंठ लिए। शक होने पर जब पीडि़त क्लीनिक संचालक ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मामले की जानकारी ली, तो विभाग ने किसी भी ऐसी टीम को निरीक्षण के लिए भेजने से साफ इंकार कर दिया। ठगी का अहसास होते ही पीडि़तों ने बम्हनी-बंजर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
 

शिकायत मिलते ही बम्हनी-बंजर थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए नैनपुर-बम्हनी मार्ग पर चेकिंग प्वाइंट लगाया। पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध बोलेरो को रोका और उसमें सवार समीर पटेल निवासी हृदय नगर, सिद्धांत पटेल निवासी नारा और भूपेंद्र बैरागी निवासी मंडला को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उनका चौथा साथी शिव टांडिया निवासी मंडला मौके से भागने में सफल रहा।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी 
बताया गया कि पकड़े गए आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर गहन जांच कर रही है कि इस गिरोह ने जिले के अन्य किन-किन ग्रामीण क्षेत्रों में क्लीनिक संचालकों को अपना शिकार बनाया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

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