मंदाकिनी फिर उफान पर : रामघाट में खतरे के निशान के पार पहुंचा पानी, SDRF तैनात, प्रशासन अलर्ट… देखें पूरे वीडियो

सतना /चित्रकूट। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर एक बार फिर मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार शाम नदी का पानी तेजी से बढ़ा और उत्तर प्रदेश क्षेत्र के रामघाट में खतरे के निशान को पार कर गया। पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंचने के साथ आसपास के निचले इलाकों में भी भराव की स्थिति बनने लगी। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रामघाट के कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली कर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
मध्यप्रदेश की ओर 25 सितंबर की रात करीब 8 बजे आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 135.02 मीटर दर्ज किया गया। यह अधिकतम बाढ़ जलस्तर 139.60 मीटर से करीब 4.58 मीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नदी के आसपास निगरानी बढ़ा दी है।
अंधेरा बढ़ा तो बढ़ी लोगों की चिंता
शुक्रवार शाम ढलने के बाद नदी का पानी तेजी से बढ़ता नजर आया। कुछ ही समय में पानी घाट की सीढ़ियों की ओर बढ़ने लगा। रामघाट और नदी किनारे के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई। प्रशासन और स्थानीय अमले ने लोगों को नदी के किनारे तथा निचले घाटों से दूर रहने की हिदायत दी।

बढ़ते जलस्तर का असर रामघाट में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। संभावित खतरे को देखते हुए दुकानदारों ने पहले ही जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
26 दिन में दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात
मंदाकिनी नदी में करीब 26 दिन के भीतर दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात बने हैं। इससे पहले 29 और 30 अगस्त को हुई तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। उस दौरान रामघाट सहित चित्रकूट के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी थी और प्रभावित लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था।
अब दोबारा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
कलेक्टर-एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
बढ़ते जलस्तर की सूचना के बाद शुक्रवार शाम सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह चित्रकूट पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ नदी की स्थिति तथा संभावित बाढ़ को लेकर समीक्षा की।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। चित्रकूट में SDRF की टीम भी तैनात की गई है।
नदी किनारे कराया जा रहा एनाउंसमेंट
प्रशासन की ओर से नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में लगातार एनाउंसमेंट कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। लोगों से नदी, घाट की निचली सीढ़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी और घाटों के निचले हिस्सों से दूरी बनाए रखें। विशेष रूप से रात के समय नदी किनारे जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।







