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पुडुचेरी में फिर लौटेगा रंगासामी युग, पांचवीं बार संभालेंगे मुख्यमंत्री पद

13 मई को होगा शपथ ग्रहण, सादगी और जनकल्याण की राजनीति से बनाई अलग पहचान

पुडुचेरी,एजेंसी। पुडुचेरी की राजनीति में एक बार फिर एन रंगासामी का दौर लौटने जा रहा है। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के प्रमुख रंगासामी 13 मई को पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हाल ही में हुए चुनाव में एआईएनआरसी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर एन. रंगासामी को पुडुचेरी का मुख्यमंत्री नियुक्त किया है। इसके बाद उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया।

साधारण परिवार से राजनीति के शिखर तक

4 अगस्त 1950 को पुडुचेरी में जन्मे रंगासामी का पूरा नाम नटेसन कृष्णसामी गौंडर रंगासामी है। साधारण परिवार में पले-बढ़े रंगासामी ने टैगोर आर्ट्स कॉलेज से बी.कॉम और डॉ. अंबेडकर गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की। वकालत से अपने करियर की शुरुआत करने वाले रंगासामी बाद में राजनीति में सक्रिय हो गए।

तमिलनाडु के पूर्व नेता के. कामराज से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। उनकी सादगी, शांत स्वभाव और जमीनी जुड़ाव ने उन्हें पुडुचेरी की राजनीति में खास पहचान दिलाई।

1991 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

रंगासामी ने 1991 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में मजबूत शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कृषि, शिक्षा, पर्यटन, लोक निर्माण और सहकारिता जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग संभाले। साल 2001 में वे पहली बार कांग्रेस के नेतृत्व में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने और लगातार दो कार्यकाल तक सत्ता में रहे।

बाद में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) की स्थापना की और अपनी अलग राजनीतिक ताकत खड़ी की। अब एक बार फिर उनकी वापसी को पुडुचेरी की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

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