उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका
मां की देखभाल और चहलुम में शामिल होने के लिए मांगी गई अंतरिम जमानत खारिज

उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका
मां की देखभाल और चहलुम में शामिल होने के लिए मांगी गई अंतरिम जमानत खारिज
नई दिल्ली, यशभारत। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले के आरोपी उमर खालिद की 15 दिन की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। उमर खालिद ने अपनी बीमार मां की देखभाल और दिवंगत मामा के चहलुम में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने मामले की सुनवाई करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। उमर खालिद की ओर से अदालत में कहा गया था कि उनकी मां की सर्जरी होनी है और परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि उनके पिता वृद्ध हैं और चार बहनें शादीशुदा होकर अलग-अलग स्थानों पर रहती हैं, इसलिए परिवार के इकलौते बेटे होने के नाते मां की देखभाल की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
याचिका में यह भी कहा गया कि अदालत पहले कुछ सह-आरोपियों को पारिवारिक कारणों के आधार पर अंतरिम जमानत दे चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर उन्हें भी राहत मिलनी चाहिए।
उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उन पर 2020 दिल्ली दंगों का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है।







