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वाहन चोरी की घटनाओं पर नकेल

घूमते फिरते कर देते थे वाहन पार तीन गिरफ्तार

वाहन चोरी की घटनाओं पर नकेल
घूमते फिरते कर देते थे वाहन पार तीन गिरफ्तार

जबलपुर यशभारत । अधारताल पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं पर नकेल कसते हुए तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह चोरी की गई दोपहिया वाहन बरामद की हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत लगभग 25 लाख आंकी गई है। पुलिस के अनुसार 14 अक्टूबर 2025 को नगर निगम कार्यालय सुहागी में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर श्वेता शर्मा, निवासी तीन पत्ती ओमती, ने अपनी स्कूटी टीवीएस जेड क्रमांक एम पी 20 एस के 2249 कार्यालय परिसर में खड़ी की थी, जो दोपहर में चोरी हो गई। शिकायत पर थाना अधारताल में अपराध क्रमांक 1106/25, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि रिछाई रोड के पास तीन युवक चोरी की मोटरसाइकिलों को सस्ते दाम में बेचने की फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों के नाम राहुल चौधरी, पिता कोमल चौधरी निवासी तिवारीखेड़ा नई कॉलोनी, थाना पनागर। कुमार सिंह कुसराम पिता गया सिंह,

 

उम्र निवासी ग्राम छपरा, थाना शहपुरा, जिला डिंडौरी, वर्तमान पता – केसर विहार कॉलोनी, थाना अधारताला आकाश रैकवार, पिता स्व. मधु रैकवार 28 वर्ष, निवासी खेरमाई मंदिर के पास, कटरा बताये गये हैं। आरोपियों की निशानदेही पर कुल 06 चोरी की गई बाइकें बरामद की गईं हैं। बरामद वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 25 लाख है। इस तरह करते थे वाहन पार पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे शहर में घूमते रहते थे और पार्किंग या सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों में चाबियाँ आजमाते थे। जिन वाहनों में चाबी लग जाती, उन्हें चुरा लेते थे। चोरी किए गए वाहन झाड़ियों या सुनसान इलाकों में छिपाकर रखते थे और बाद में बेचने की कोशिश करते थे। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार कुमरे के नेतृत्व में उप निरीक्षक सीताराम बकोड़े, सहायक उप निरीक्षक रामसनेह शर्मा, प्रधान आरक्षक अजीत पटेल, बृजेन्द्र लोखंडे, आरक्षक राजेश, शशिप्रकाश, दुर्गेश, अनिल एवं महेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अधारताल, गोहलपुर एवं तिलवारा थानों में दर्ज प्रकरणों में विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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