एआई शिक्षा को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी , शत प्रतिशत रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का होगा सम्मान, सभी स्कूलों में बनेंगी बाउंड्री वॉल

एआई शिक्षा को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी , शत प्रतिशत रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का होगा सम्मान, सभी स्कूलों में बनेंगी बाउंड्री वॉल
भोपाल, यश भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कक्षा 8 से 12 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई आधारित कौशल शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा गुरु सांदीपनि के जीवन पर रोचक पुस्तक तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए और नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से पहले सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। उन्होंने प्रदेश की सभी जर्जर शालाओं की मरम्मत कराने और प्रत्येक स्कूल में बाउंड्री वॉल बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाली 26 शालाओं के शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान करने की घोषणा की। साथ ही 90 और 95 प्रतिशत से अधिक परिणाम देने वाले विद्यालयों को भी सम्मानित करने को कहा। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित मॉनीटरिंग तकनीक आधारित शिक्षण और नवाचार अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में पूर्व छात्र छात्रा सम्मेलन आयोजित कराने एनसीसी एनएसएस जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा व्यावसायिक शिक्षा के तहत कृषि पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 के नामांकन में 32.4 प्रतिशत तथा कक्षा 9 से 12 तक के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा घर योजना के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति देते हुए विभागीय योजनाओं को निरंतर जारी रखने के निर्देश भी दिए।







