भोपाल के 18 से अधिक थाना क्षेत्रों में पुलिस ने चलाया सेफ क्लिक 2.0 अभियान

भोपाल के 18 से अधिक थाना क्षेत्रों में पुलिस ने चलाया सेफ क्लिक 2.0 अभियान
डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए पुलिस ने नागरिकों को सिखाए सुरक्षा के गुर
भोपाल,यश भारत। राजधानी में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधियों के नए हथकंडों से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा व्यापक स्तर पर सेफ क्लिक 2.0 जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर मंगलवार को शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सड़कों, बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय परिसरों में पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रभावी उपाय बताए।
इस महा-अभियान के तहत साइबर शाखा सहित शहर के प्रमुख थानों कोहेफिज़ा, बजरिया, खजूरी सड़क, मंगलवार, गौतम नगर, अरेरा हिल्स, अशोका गार्डन, हबीबगंज, ऐशबाग, श्यामला हिल्स, शाहपुरा, कमला नगर, टीला जमालपुरा, जहांगीराबाद, चुना भट्टी, बाग सेवनिया और अयोध्या नगर में पुलिस ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।
इन नए तरीकों से रहें सावधान
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को बताया कि आजकल साइबर अपराधी लोगों को डराने और लालच देने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इसमें सबसे प्रमुख डिजिटल अरेस्ट है, जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को ऑनलाइन बंधक बना लेते हैं। इसके अलावा फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देना, वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन जॉब का झांसा देना, और बैंक केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर खाते साफ करने जैसे मामलों में तेजी आई है। पुलिस ने सोशल मीडिया हैकिंग, संदिग्ध लिंक और क्यूआर कोड स्कैम से भी बचने की सलाह दी।
गोपनीय जानकारी कभी न करें साझा
पुलिस टीमों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी , एटीएम/डेबिट-क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी , यूपीआई पिन या नेट बैंकिंग का पासवर्ड कभी भी साझा न करें। किसी भी अनजान नंबर से आने वाले संदेश, लिंक या ऐप को बिना जांचे-परखे अपने मोबाइल में डाउनलोड या क्लिक न करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
पुलिस ने विशेष रूप से यह जानकारी दी कि यदि कोई नागरिक किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या वित्तीय ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही पीड़ित व्यक्ति भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है, ताकि समय रहते ठगी गई राशि को ब्लॉक कराया जा सके।







