एम्स भोपाल में गूँजेंगी कविताएँ: मानसिक स्वास्थ्य को संबल देने के लिए काव्य गोष्ठी आज

एम्स भोपाल में गूँजेंगी कविताएँ: मानसिक स्वास्थ्य को संबल देने के लिए काव्य गोष्ठी आज
भोपाल, यशभारत। चिकित्सा के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एम्स भोपाल के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र द्वारा आज, 30 मार्च को एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संस्थान के परिसर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम डॉक्टरों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को तनावपूर्ण दिनचर्या से इतर रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक साझा मंच प्रदान करेगा।
सकारात्मकता और रचनात्मकता का संगम
संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल और शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मकता का संचार करना है। चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों और मानसिक दबाव को कम करने के लिए साहित्य और कला को एक सशक्त माध्यम माना गया है। यह आयोजन न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रतिभागियों को अपनी अंतर्निहित भावनाओं को साझा करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
बहुभाषी मंच और व्यापक भागीदारी
इस काव्य गोष्ठी की विशेषता इसकी समावेशिता है। कार्यक्रम में सहभागिता के लिए भाषा का कोई बंधन नहीं रखा गया है; प्रतिभागी हिंदी के साथ-साथ अपनी पसंद की किसी भी अन्य भाषा में रचनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्र अपनी काव्य प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बर्नआउट (मानसिक थकान) को रोकने में सहायक होते हैं। एम्स भोपाल का स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र लगातार ऐसी गतिविधियों के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।







