फार्मेसी काउंसिल ने दवाईयों के डिस्काउंट पर लगाई रोक -पालन न करने पर मेडिकल स्टोर के पंजीयन होंगे निरस्त

फार्मेसी काउंसिल ने दवाईयों के डिस्काउंट पर लगाई रोक
-पालन न करने पर मेडिकल स्टोर के पंजीयन होंगे निरस्त
-नकली दवाओं के विक्रय के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम
भोपाल। प्रदेश में अब मेडिकल संचालकों पर फॉर्मेसी काउंसिल सख्त हो गया है। इस बार दवाईयों पर मिलने वाले डिस्काउंट पर प्रतिबंध का नोटिस जारी किया है। यह निर्देश मध्यप्रदेश की सभी मेडिकल स्टोर पर लागू होंगे। बताया जाता है कि मेडिकल संचालकों द्वारा डिस्काउंट ग्राहक को आकर्षित करने के लिए दिया जाता है जिससे कुछ दवाई विके्रता का कारोबार प्रभावित होता है। वहीं कुछ बड़े दवाई विक्रेता इसका पूरा लाभ लेते रहते हैं।
नकली दवाओं पर अंकुश लगाने उठाया कदम
बीते सालों में देखने में आया था कि इस भारी छूट के चलते कई बार नकली दवाओं की सप्लाई बाजार में होती थी। जो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ था। नए नियम से पारदर्शिता बढ़ेगी और जिसका सीधा फायदा आम लोगों को होगा। वहीं, जो सामान्य डिस्काउंट पहले मिल रहा था, वह जारी रहेगा। इस आदेश से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
80 प्रतिशत छूट को बोर्ड लगाने वालों पर होगी कार्रवाई :
दवा की दुकानों पर 10 से 80 प्रतिशत छूट का बोर्ड लगाने वाले स्टोर्स मालिकों के खिलाफ मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल कार्रवाई करेगा। काउंसिल ने राज्यभर के पंजीकृत फार्मासिस्टों और मेडिकल स्टोर मालिकों को चेतावनी दी है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए छूट और रियायतों का प्रचार करने रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जाएगा। काउंसिल ने नोटिस जारी कर कहा कि कई मेडिकल स्टोर बोर्ड और सोशल मीडिया के जरिए डिस्काउंट का लालच देकर उपभोक्ताओं को खींच रहे हैं, जो फॉर्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015 के अनुसार अनैतिक और अवैध है।
डिस्काउंट के बोर्ड पर होगी कार्यवाही :
जिन मेडिकल स्टोर की दुकानों पर डिस्काउंट के बोर्ड लगा होगा उसका पंजीकरण रद्द या निलंबित किया जा सकता है। साथ ही मेडिकल स्टोर पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। स्टोर्स संचालकों को डिस्काउंट बोर्ड हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
छोटे मेडिकल स्टोर्स को हो रहा था नुकसान :
इस डिस्काउंट के चलते बड़े कारोबारी आर्थिक ताकत के दम पर इस तरह के विज्ञापन कर छोटे मेडिकल दुकानदारों के साथ अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं, जो कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 4 का उल्लंघन है। काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन और रजिस्ट्रार भाव्या त्रिपाठी ने सभी मेडिकल स्टोर्स से कानून का पालन करने के लिए कहा है।
दवाई विक्रेता के हित में निर्णय :
मध्यप्रदेश केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, गोवा, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और अब जम्मू-कश्मीर की तरह मध्यप्रदेश में भी दवा दुकानों पर डिस्काउंट बोर्ड लगाने वाले फार्मासिस्टों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया है। यह केमिस्टों के हित में ऐतिहासिक निर्णय है।
इनका कहना है
नए नियम से पारदर्शिता बढ़ेगी और जिसका सीधा फायदा आम लोगों को होगा। वहीं, जो सामान्य डिस्काउंट पहले मिल रहा था, वह जारी रहेगा। इस आदेश से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
जितेंद्र धाकड़, अध्यक्ष, भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन







