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21 अरब से ज्यादा का मेगा बजट,जबलपुर को महानगर बनाने की बड़ी तैयारी, 

विकास के लिए हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स घोषित

21 अरब से ज्यादा का मेगा बजट,जबलपुर को महानगर बनाने की बड़ी तैयारी, 

विकास के लिए हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स घोषित

जबलपुर। नगर निगम के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 21 अरब 66 करोड़ 27 लाख 7 हजार 820 रुपये का आय-व्यय पत्रक सदन में प्रस्तुत किया। इस महत्वाकांक्षी बजट का मुख्य उद्देश्य जबलपुर को महानगर की श्रेणी में स्थापित करना है।महापौर ने जानकारी दी कि बीते साढ़े तीन वर्षों में शहर के विकास कार्यों पर 2600 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि आगामी डेढ़ वर्ष में 3000 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। खास बात यह रही कि इस अवधि में नगर निगम ने कोई नया कर्ज नहीं लिया, जो उसकी मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी शहर की तस्वीर
शहर के व्यापक विकास के लिए 1147 करोड़ रुपये का प्रस्ताव अर्बन चैलेंज फंड के तहत शासन को भेजा गया है। इसमें प्रमुख तालाबों के संरक्षण, झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास और सार्वजनिक संपत्तियों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है। रानीताल, माढ़ोताल और गोकलपुर तालाब के विकास के साथ चंडालभाटा क्षेत्र के उन्नयन के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है।जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 45 करोड़ और सीवर नेटवर्क विस्तार के लिए 397 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई सीवर लाइनों पर 755 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा।

जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण पर विशेष फोकस
बजट में बाढ़ नियंत्रण और जल संरक्षण के लिए 222 करोड़ रुपये की विशेष योजना बनाई गई है। नालों के निर्माण और सुधार पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम और मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जल भंडारण की नई प्रणालियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट और स्मार्ट सुविधाओं पर जोर
शहर को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 12 लाख पौधे लगाए जाएंगे। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 64 नए पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। कचरा प्रबंधन के तहत बायोगैस प्लांट और नई कचरा गाड़ियों की व्यवस्था की जाएगी।वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के जरिए 900 टन कचरे से हर महीने करीब 4 करोड़ रुपये की बिजली उत्पादन हो रहा है। सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 100 नई एसी बसें चलाई जाएंगी।पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डुमना नेचर पार्क में फाइव स्टार स्तर का रिसोर्ट और फिल्म सिटी निर्माण की योजना भी शामिल है।

जनहित योजनाओं को मिली रफ्तार
हर वार्ड में विकास कार्यों के लिए 90-90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर निगम स्कूलों के स्मार्ट भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।हर घर नर्मदा जल योजना के तहत 312 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट जारी है। मुक्तिधामों और कब्रिस्तानों के विकास के लिए भी विशेष राशि रखी गई है।सफाई मित्रों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे 9000 से बढ़ाकर 21000 रुपये किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एआई चैटबोट और मोबाइल ऐप की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे नागरिक घर बैठे अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।

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