दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर महापौर अन्नू की सफाई, आरोपों को बताया भ्रामक
नालों का पानी बिना शोधन के नर्मदा में नहीं छोड़ा जाता

जबलपुर,यशभारत। जबलपुर नगर निगम के महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए ट्वीट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। दिग्विजय सिंह ने एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया था कि जबलपुर के एक घाट से नाले का पानी सीधे नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। महापौर अन्नू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ट्वीट में प्रयुक्त तस्वीर पुरानी और भ्रामक है, जो वर्तमान स्थिति को नहीं दर्शाती। उन्होंने स्पष्ट किया कि जबलपुर नगर निगम द्वारा नालों का पानी बिना शोधन के नर्मदा में नहीं छोड़ा जाता।
महापौर के अनुसार, शहर के नालों का पानी पहले एचटीपी (होल्डिंग ट्रीटमेंट प्लांट) टैंकों में भेजा जाता है। यहां ओवरफ्लो की स्थिति में लगभग 60 प्रतिशत पानी का प्राथमिक शोधन हो जाता है। शेष 40 प्रतिशत पानी को फिल्ट्रेशन प्लांट भेजा जाता है, जहां उसका पूर्ण शुद्धिकरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि पूरी शोधन प्रक्रिया के बाद ही पानी को नर्मदा नदी में प्रवाहित किया जाता है। महापौर ने यह भी कहा कि नर्मदा नदी कई राज्यों से होकर गुजरती है और संभव है कि अन्य स्थानों पर स्थानीय नाले सीधे नदी में गिरते हों, लेकिन जबलपुर नगर निगम ऐसी कोई लापरवाही नहीं कर रहा है।
पीने के पानी की गुणवत्ता पर उठे सवालों पर महापौर अन्नू ने कहा कि नर्मदा का पानी सीधे घरों तक नहीं पहुंचता। नदी से पानी पहले इंटेकवेल में लिया जाता है, फिर फिल्टर प्लांट में शुद्धिकरण के बाद टंकियों के माध्यम से नागरिकों को आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाले के पानी का सैंपल लेगा तो उसका खराब होना स्वाभाविक है, लेकिन जल शोधन संयंत्र से लिए गए पानी के सैंपल की गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप होती है। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि भ्रामक तस्वीरों और अधूरी जानकारी के आधार पर फैलाए जा रहे संदेशों पर भरोसा न करें।







