भोपाल में STF की बड़ी कार्रवाई: वीआईपी कवर्ड कॉलोनी के दो कमरों में छिपा था नशीली कफ सिरप का जखीरा; स्थानीय पुलिस रही बेखबर

भोपाल में STF की बड़ी कार्रवाई: वीआईपी कवर्ड कॉलोनी के दो कमरों में छिपा था नशीली कफ सिरप का जखीरा; स्थानीय पुलिस रही बेखबर
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित एक पॉश कवर्ड कॉलोनी में स्पेशल टास्क फोर्स ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसटीएफ की टीम ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी के एक मकान में अचानक दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध और प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप का जखीरा बरामद किया है। एसटीएफ की यह छापामार कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि कमिश्नरेट की स्थानीय गांधीनगर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। टीम ने मौके से एक संदेही को हिरासत में लिया है, जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें लंबे समय से इनपुट्स मिल रहे थे कि गांधीनगर क्षेत्र से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से नशीली कफ सिरप की सप्लाई की जा रही है। मुखबिर से मिली इसी सटीक सूचना के आधार पर एसटीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी भारी बल के साथ देर रात करीब 12 बजे डोबरा पटेल सिटी पहुंचे और चिन्हित मकान को चारों तरफ से घेर लिया। जब टीम ने मकान के भीतर प्रवेश कर तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने मकान के दो अलग-अलग कमरों में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप के कार्टन और बोतलें छुपाकर रखी थीं। आधी रात को शुरू हुई यह कार्रवाई तड़के सुबह 3 बजे तक लगातार जारी रही।
शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बरामद की गई कफ सिरप की इस बड़ी खेप को अवैध रूप से बाजार में खपाया जाना था, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। एसटीएफ ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मौके से कफ सिरप के सैंपल लेकर तत्काल जांच के लिए लैबोरेट्री भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की दिशा तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जिस मकान में नशे का यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा था, वह किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। हालांकि, कार्रवाई के बाद से ही मकान मालिक भूमिगत है और खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का उससे संपर्क नहीं हो सका था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कफ सिरप का यह नेटवर्क किन-किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा और स्थानीय मॉनिटरिंग पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि कैसे एक कवर्ड कॉलोनी के भीतर इतना बड़ा स्टॉक जमा कर लिया गया और स्थानीय पुलिस सोती रही। अधिकारियों का दावा है कि हिरासत में लिए गए संदेही से पूछताछ के बाद जल्द ही इस पूरे ड्रग सिंडिकेट और इससे जुड़े सफेदापोशों का बड़ा खुलासा हो सकता
है।







