खुशबू अहिरवार मौत कांड: पुलिस जांच में प्रेमी कासिम का काला सच आया सामने

खुशबू अहिरवार मौत कांड: पुलिस जांच में प्रेमी कासिम का काला सच आया सामने
भोपाल, यश भारत। राजधानी की चर्चित मॉडल खुशबू अहिरवार की मौत का रहस्य अब पूरी तरह से साफ हो चुका है। पुलिस की सघन जांच और मेडिकल फॉरेंसिक रिपोर्ट ने वह कड़वा सच उजागर किया है, जिसे आरोपी कासिम अहमद अस्पताल की चारदीवारी में छिपाने की कोशिश कर रहा था। 8 नवंबर 2025 की रात हुई यह घटना सामान्य मौत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी लापरवाही का नतीजा थी, जिसने एक उभरती हुई कलाकार की जान ले ली।
चिरायु अस्पताल में शुरू हुआ था मौत का खेल
घटना के दिन आरोपी कासिम अहमद खुशबू को मरणासन्न हालत में लेकर चिरायु अस्पताल पहुँचा था। उस समय कासिम ने इसे महज अचानक बिगड़ी तबीयत का मामला बताया था, लेकिन उपचार के दौरान खुशबू की सांसे थम गईं। पुलिस ने तभी से इस मामले को संदिग्ध मानते हुए गहराई से पड़ताल शुरू कर दी थी।
प्रेग्नेंसी और गर्भपात की दवा: पुलिस का बड़ा खुलासा
पुलिस की फाइल में दर्ज ताजा सबूतों के अनुसार, खुशबू गर्भवती थी। आरोपी कासिम अहमद ने समाज और कानून की नजरों से बचने के लिए खुशबू को बिना किसी डॉक्टरी सलाह के गर्भपात की टैबलेट खिलाई। यह गोली खुशबू के शरीर के लिए जहर साबित हुई। दवा के घातक रिएक्शन और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जांच में स्पष्ट हुआ है कि यदि उसे सही समय पर सही डॉक्टरी इलाज मिलता, तो उसकी जान बच सकती थी, लेकिन कासिम ने हकीकत छिपाने की कोशिश की।
परिजनों का आरोप और पिछले विवाद
इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब खुशबू के परिजनों ने कासिम पर पहचान छिपाने और धर्मांतरण के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का कहना है कि खुशबू को धोखे में रखकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। बुर्के और अन्य साक्ष्यों के मिलने के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया था, लेकिन अब गर्भपात की गोली वाला खुलासा कासिम के खिलाफ सबसे बड़ा कानूनी हथियार बन गया है।
पुलिस अब मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कासिम अहमद के विरुद्ध हत्या की कोशिश, लापरवाही और अवैध रूप से गर्भपात कराने जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला मजबूत कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले के हर उस पहलू की जांच की जा रही है जिसने खुशबू को मौत की ओर धकेला।







