आवारा मवेशियों के चारागाह बने इटारसी व सिहोरा स्टेशन यह कैसी अमृत भारत स्टेशन योजना. प्लेटफार्म पर फैल रही गंदगी.

आवारा मवेशियों के चारागाह बने इटारसी व सिहोरा स्टेशन
यह कैसी अमृत भारत स्टेशन योजना. प्लेटफार्म पर फैल रही गंदगी.
क्या स्टेशन पर पदस्थ जवाबदेहों का ध्यान नहीं हो रहा है आकृष्ट
जबलपुर यशभारत। एक ओर अमृत भारत स्टेशन बनाए जा रहे हैं यात्रियों को उसमें तमाम सुविधाएं भी मिलने की बात की जा रही है वहीं दूसरी ओर नजर डालें तो पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल के इटारसी एवं जबलपुर रेल मंडल का सिहोरा रेलवे स्टेशन आवारा पशुओं का चारागाह बन गया है। कैमरे में जो तस्वीर इन स्टेशनों की कैद हुई है उससे तो यहां पर पदस्थ कर्मियों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। आवारा पशुओं को प्लेटफॉर्म से लेकर बीच रेलवे लाइन तक में देखा जा सकता है। यह मवेशी बगैर रोकटोक आसानी से स्टेशन के अंदर प्लेटफॉर्म पर घूमते हुए नजर आते हैं। उन्हें वहां से भगाने वाला कोई नहीं है।
इतना ही नहीं यह आवारा पशु प्लेटफार्म पर इधर-उधर मुंह मारते फिरते हैं। इनकी वजह से यात्रियों में भय और डर का माहौल बना रहता है। साथ ही प्लेटफार्म पर जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं जो स्टेशन की सफाई व्यवस्था व रखरखाव पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। जिसपर फिसलकर कई बार यात्री चोटिल भी हो जाते हैं। रेलवे के कर्मचारियों द्वारा इन पशुओं को प्लेटफॉर्म पर आने से रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जाते हैं।
रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही हो रही उजागर
इन रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर जिस तरह से आवारा मवेशियों का जमावड़ा है उससे यहां पर पदस्थ जवाबदेह अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही बड़े सवाल खड़े कर रही है। जिससे रेलवे कर्मचारियों की उदासीनता की वजह से आवारा पशुओं का प्लेटफॉर्म पर रोज ही जमावड़ा लगा रहता है। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा खतरा मंडरा रहा है। प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में मवेशियों की लगातार बढ़ती संख्या से यात्रियों में भय का माहौल बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक हो जाती है।
अनेक मवेशी हो जाते हैं दुर्घटना का शिकार
ऐसा ही नहीं की इन स्टेशनों के प्लेटफार्म पर ही आवारा मवेशी घूम रहे हो रेलवे लाइन मैं भी इनको विचरण करते हुए देखा जा सकता है।जब ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर तेज गति से आती-जाती हैं। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना घटित होती है तो इसका जवाबदार कौन है। आखिर प्रश्न यह उठता है कि क्या यात्रियों को केवल यात्रा की अनुमति दी जाती है या उनकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी ली जाती है? जब इन स्टेशनों पर मवेशी खुलेआम विचरण कर रहे हों और प्लेटफॉर्म पर आराम फरमा रहे हों, तो यह स्थिति रेलवे प्रशासन की लापरवाही का खुला प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि स्टेशनों के री डेवलपमेंट में करोड़ों रुपये खर्च कर इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा हेतु कई व्यवस्थाएं की हैं। यहां अमृत योजना के तहत कार्य चल रहा है। स्टेशन पर साफ-सफाई, बैठने की सुविधा, सीसीटीवी कैमरे और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। लेकिन स्थानीय रेल अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह सारी व्यवस्थाएं निष्प्रभावी नजर आ रही हैं। गर्मियों के मौसम में अधिकारी कूलर की ठंडी हवा में बैठकर आराम फरमाते हैं, जबकि प्लेटफॉर्म पर यात्री गंदगी और मवेशियों के बीच परेशान होते हैं।
क्या इटारसी स्टेशन पर लगे सीसीटीवी में नहीं कैद हो रहे है मवेशी
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले इटारसी रेलवे स्टेशन एक बहुत बड़ा जंक्शन है जहां पर चारों तरफ के लिए ट्रेन है मिलती हैं इस स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए लेकिन प्लेटफॉर्म एवं रेलवे लाइन पर घूम रहे यह आवारा मवेशी सीसीटीवी कैमरे मैं कैद नहीं हो रहे हैं क्या यह भी एक बड़ा सवाल है। अगर अधिकारी चाहें, तो कैमरों की मदद से साफ-सफाई की निगरानी कर सकते हैं मवेशियों को बाहर निकलवाने के निर्देश दे सकते हैं।







