नवरात्र में गरबा की धूम, शहर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ा यातायात का दबाव

नवरात्र में गरबा की धूम, शहर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ा यातायात का दबाव
– एमपी नगर, होशंगाबाद रोड और भेल क्षेत्र में शाम के समय आवाजाही प्रभावित
– बड़े गरबा आयोजनों के आसपास वाहनों की कतारें, वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल की सलाह
यश भारत, भोपाल। शारदीय नवरात्र के साथ राजधानी में गरबा और डांडिया की रौनक चरम पर पहुंचने लगी है। शहर के विभिन्न मैदानों, क्लबों और पंडालों में शाम ढलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गरबा प्रेमी पहुंच रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और सामूहिक नृत्य के आयोजनों ने शहर के माहौल को उत्सवी बना दिया है। वहीं, इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए निजी वाहनों से पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। शाम के समय कार्यालयों से घर लौटने वाले लोगों और गरबा आयोजनों में जाने वाले प्रतिभागियों की आवाजाही एक साथ होने से कई इलाकों में यातायात धीमा पड़ रहा है।
भेल दशहरा मैदान सहित शहर के प्रमुख गरबा स्थलों के आसपास शाम के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। एमपी नगर, चेतक ब्रिज, होशंगाबाद रोड, न्यू मार्केट और भेल क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर इसका असर दिखाई दे रहा है। इन क्षेत्रों से गुजरने वाले वाहन चालकों को भीड़भाड़ के कारण अतिरिक्त समय लगने की आशंका रहती है। नवरात्र के दौरान लगातार आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के चलते शाम का समय यातायात की दृष्टि से अधिक व्यस्त हो गया है।
गरबा स्थलों पर उमड़ रही भीड़, पार्किंग भी अहम मुद्दा
नवरात्र के दौरान शहर में छोटे-बड़े स्तर पर कई गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। परिवारों के साथ पहुंचने वाले लोगों के अलावा युवाओं की बड़ी भागीदारी के कारण आयोजन स्थलों पर वाहनों की संख्या बढ़ रही है। चारपहिया और दोपहिया वाहनों के एक साथ पहुंचने से प्रवेश मार्गों तथा आसपास की सड़कों पर दबाव बन सकता है। ऐसे में वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग भी महत्वपूर्ण हो गई है।
आयोजन स्थलों के आसपास सड़क किनारे वाहन खड़े किए जाने से दूसरे वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो सकती है। यदि पार्किंग निर्धारित स्थानों पर की जाए और प्रवेश तथा निकास मार्गों पर अनावश्यक रुकावट न हो, तो यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल सकती है। गरबा आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को भीड़ को देखते हुए समय से पहले निकलने और अपने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की सलाह दी जाती है।
वैकल्पिक मार्गों से मिल सकती है राहत
नवरात्र के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए प्रमुख आयोजन स्थलों के आसपास जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जा रही है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि किसी बड़े आयोजन स्थल की ओर जाने से पहले संबंधित मार्ग की यातायात व्यवस्था की जानकारी अवश्य लें।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
त्योहारी आयोजनों के दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। नागरिकों से अपील है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जल्दबाजी न करें, गलत दिशा में वाहन न चलाएं और सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने से बचें। आयोजन स्थलों के आसपास पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही का भी ध्यान रखना जरूरी है।
नवरात्र के शेष दिनों में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ने के साथ शाम के समय यातायात का दबाव बने रहने की संभावना है। ऐसे में समय प्रबंधन, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग और यातायात नियमों का पालन ही लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने में मदद कर सकता है।







