कुंडली से मिल सकती है युवाओ के करियर में सही दिशा मनोहर वर्मा
यश भारत प्राइम टाइम बिथ आशीष शुक्ला में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी मनोहर वर्मा से खास बातचीत

कुंडली से मिल सकती है युवाओ के करियर में सही दिशा मनोहर वर्मा
यश भारत प्राइम टाइम बिथ आशीष शुक्ला में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी मनोहर वर्मा से खास बातचीत
सही समय पर सही फैसला बदल सकता है करियर का रास्ता
जबलपुर, यश भारत। आज के समय में दसवीं कक्षा के बाद युवा के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि वह आगे किस विषय को चुने और किस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला या किसी अन्य क्षेत्र में जाने का फैसला कई बार बच्चे और माता-पिता दोनों के लिए चुनौती बन जाता है। कई बार माता-पिता की सोच अलग होती है और बच्चे की रुचि किसी दूसरे क्षेत्र में होती है। इसी महत्वपूर्ण विषय पर यश भारत प्राइम टाइम विथ आशीष शुक्ला में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी मनोहर वर्मा से खास बातचीत हुई।
मनोहर वर्मा ने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र और जीवन का कर्म क्षेत्र कई बार अलग-अलग हो सकते हैं। कई लोग डॉक्टर, इंजीनियर या किसी अन्य विषय की पढ़ाई करने के बाद आगे चलकर प्रशासन, राजनीति, व्यवसाय या दूसरे क्षेत्रों में चले जाते हैं। इसलिए युवाओं के लिए सही समय पर सही दिशा का चुनाव बेहद जरूरी होता है।
इन विषयों पर हुई खास चर्चा….
दसवीं के बाद शुरू होती है भविष्य की तैयारी
दसवीं कक्षा तक छात्र सामान्य शिक्षा ग्रहण करता है, लेकिन इसके बाद उसे अपने भविष्य को लेकर बड़ा निर्णय लेना पड़ता है। इसी समय यह तय होता है कि वह किस विषय में आगे पढ़ाई करेगा और भविष्य में किस क्षेत्र को अपना करियर बनाएगा। सही समय पर सही निर्णय लेने से युवा अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकता है।
जन्मकुंडली को बताया मार्गदर्शन का माध्यम
मनोहर वर्मा ने बताया कि ज्योतिष मान्यता के अनुसार कुंडली व्यक्ति की रुचि, शिक्षा और करियर से जुड़े संकेत दे सकती है। उन्होंने कहा कि कुंडली किसी पर फैसला थोपने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक दिशा दिखाने का काम करती है, जिससे युवा अपनी क्षमता और रुचि को समझ सके।
शिक्षा से जुड़े भावों का होता है अध्ययन
उन्होंने बताया कि कुंडली में चौथा भाव प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ा माना जाता है। पांचवां भाव व्यक्ति की रुचि, विषय चयन और उच्च अध्ययन की दिशा को दर्शाता है। वहीं नौवां भाव आगे की शिक्षा, उच्च अध्ययन और विशेषज्ञता से जुड़ा माना जाता है। वही जों शोध, नए विचार और विशेष ज्ञान के लिए आठवें और बारहवें भाव को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
पांचवां भाव बताता है विषय चयन की दिशा
कुंडली का पांचवा भाव बताता है दिशा चयन के समय पांचवें भाव की राशि, उसके स्वामी और ग्रहों की स्थिति को देखा जाता है। इससे यह समझने का प्रयास किया जाता है कि युवा तकनीकी क्षेत्र, गैर तकनीकी क्षेत्र या किसी अन्य विशेष क्षेत्र में बेहतर कर सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रहों की स्थिति व्यक्ति की रुचि और सोच की दिशा के संकेत दे सकती है।
बच्चों की रुचि को समझना अत्यंत जरूरी
उन्होंने कहा कि कई बार माता-पिता अपने बच्चे को अपनी इच्छा के अनुसार डॉक्टर, इंजीनियर या किसी खास क्षेत्र में भेजना चाहते हैं, लेकिन बच्चे की रुचि किसी और क्षेत्र में होती है। तो ऐसे में बच्चे की पसंद और क्षमता को समझना चाहिए, क्योंकि जिस क्षेत्र में रुचि होती है वहां सफलता के अवसर अधिक होते हैं।
करियर चयन में सही सलाह की जरूरत
उन्होंने कहा कि आज के समय में करियर के कई अन्य विकल्प मौजूद हैं। जहाँ पहले से ही सीमित क्षेत्र होते थे वहीं अब युवाओं के लिए अनेक रास्ते खुले हैं। ऐसे में सही जानकारी, आत्ममंथन और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से युवा अपने लिए बेहतर रास्ता चुन सकते हैं। वही कार्यक्रम के अंत में आशीष शुक्ला ने कहा कि हर युवा के अंदर एक अलग क्षमता होती है। जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा में आगे बढ़ने की।
उन्होंने कहा कि अब अगले एपिसोड में कर्म, क्षेत्र और करियर की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।







