सीवर लाइन और जल वितरण में ऐतिहासिक प्रगति: महापौर अन्नू, शहर में 1 किलोमीटर री- स्टोरेशन के होंगे काम

जबलपुर। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में शहर की सीवरेज परियोजनाओं और जल वितरण व्यवस्था में हुई व्यापक प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में सीवर लाइन बिछाने के कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आई है, जिससे नागरिकों को सीवर से जुड़ी परेशानियों से बड़ी राहत मिली है।
महापौर ने बताया कि उनके ढाई वर्षों के कार्यकाल में अमृत 1.0 योजना के तहत जोन क्रमांक 2, 3, 4 और 5 के छूटे हुए क्षेत्रों में 71.4 किलोमीटर सीवर पाइप लाइन बिछाई गई है। इसके साथ ही, 60 हजार से अधिक घरों में सर्विस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं और 95 एम.एल.डी. क्षमता के 3 बड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सीवर का कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, और मात्र 1 किलोमीटर का री-स्टोरेशन कार्य शेष है। महापौर ने आश्वासन दिया कि जून तक 1 लाख और कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे और दिसंबर 2025 तक पुराने सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
भविष्य की योजनाएं और बड़े प्रोजेक्ट
महापौर अन्नू ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 881 करोड़ रुपये की लागत से सीवर के नए कार्य सितंबर माह से शुरू किए जाएंगे, जिसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है।
उन्होंने जल वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम की बड़ी तैयारियों का भी उल्लेख किया। वर्तमान में 312 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि 1.71 लाख नल कनेक्शन के माध्यम से नागरिकों को जलापूर्ति की जा रही है, और 1 लाख नवीन नल कनेक्शन के लिए भी कार्य शुरू कर दिए गए हैं। महापौर ने दिसंबर 2026 तक हर घर नर्मदा जल पहुँचाने के संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक की उपलब्धि
महापौर ने 2007 से अब तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हुई प्रगति का भी विस्तृत विवरण दिया:
प्रोजेक्ट उदय (ए.डी.बी. लोन): 74.5 किलोमीटर सीवर लाइन और 50 एम.एल.डी. एसटीपी प्लांट का निर्माण, कुल लागत 59.50 करोड़ रुपये।
जे.एन.एन.यू.आर.एम.: 136 किलोमीटर सीवर लाइन और 4 पंपिंग स्टेशन (एस.पी.एस.) का निर्माण, कुल लागत 101 करोड़ रुपये।
अमृत 1.0: 246 किलोमीटर सीवर लाइन, 95 एम.एल.डी. क्षमता के तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और 60 हजार से अधिक हाउस सर्विस कनेक्शन, कुल लागत 328 करोड़ रुपये।
अमृत 1.0 के तहत कुल 174.60 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई गई, जिसकी कुल लागत 191.76 करोड़ रुपये थी।
अमृत 1.0 के तहत 71.4 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है और 95 एम.एल.डी. क्षमता के तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य कराया गया है, साथ ही 60 हजार से अधिक हाउस सर्विस कनेक्शन भी किए गए हैं, जिसकी लागत 153.40 करोड़ रुपये है।
कुल मिलाकर, इन विभिन्न योजनाओं के तहत 456 किलोमीटर सीवर लाइन, 145 एम.एल.डी. क्षमता के 4 एसटीपी, और 60 हजार से अधिक हाउस कनेक्शन किए गए हैं, जिनकी कुल लागत 488.50 करोड़ रुपये है।
आगामी परियोजनाएं
जे.एन.एन.यू.आर.एम. के तहत शेष कार्य: जोन क्रमांक 2, 3, 4 और 5 में 13.6 किलोमीटर सीवर लाइन का शेष कार्य, कुल लागत 17.84 करोड़ रुपये। इसके अतिरिक्त, माँ नर्मदा में मिल रहे नालों के लिए 5 नवीन एसटीपी (3.3 एम.एल.डी. क्षमता) का निर्माण, जिसकी कुल लागत 12 करोड़ रुपये है।
अमृत 2.0: शहर के शेष 65 प्रतिशत क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने का कार्य, जिसमें जोन 1 और नवीन 55 गाँव (जोन 5 प्रस्तावित) शामिल हैं।
जोन 1: 681 किलोमीटर सीवर लाइन, 10 नग 124.13 एम.एल.डी. क्षमता के एसटीपी प्लांट, और 1 लाख 66 हजार हाउस कनेक्शन। अनुमानित लागत 755.55 करोड़ रुपये। इस कार्य को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है और निविदा प्रक्रिया में है, जिसमें लगभग 4 वर्ष का समय लगने की संभावना है।
जोन 5 (55 गाँव): 374 किलोमीटर सीवर लाइन, 32 नग 43.87 एम.एल.डी. क्षमता के एसटीपी, 30 हजार 129 हाउस कनेक्शन, और 4 नग 200 एम.टी. बायो सी के एसटीपी प्लांट।
महापौर श्री अन्नू ने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं से जबलपुर शहर में सीवरेज और जल वितरण की समस्या का स्थायी समाधान होगा और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।







