औकात से बढ़कर दहेज दिया फिर भी बेटी की जान ले लीः छत से गिरी महिला ने दम तोड़ा, परिजनों ने हत्या के लगाए आरोप

जबलपुर, यशभारत। बेटी एमकाम पढ़ी थी, वह कभी छत से गिरकर जान नहीं दे सकती है, पति और उसका पूरा परिवार आए दिन पैसों की डिमांड करते थे और इसकी जानकारी फोन पर बेटी देती थी, कल तो हद हो गई जब बेटी को दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया गया और अस्पताल में भर्ती कराकर पति और उसके परिवार के लोग गायब हो गए। बेटी ने आत्महत्या नहीं की है उसकी जान ली गई, पुलिस को इस प्रकरण में निष्पक्षता के साथ जांच करना चाहिए। यह आरोप रायपुर भाटापाड़ा में रहने वाले मुरली झा ने लगाए। दरअसल मुरली की बेटी की शादी जबलपुर निवासी विपुल आहूजा से तीन साल पहले हुई थी, बेटी कल छत से नीचे गिर गई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता मुरली का आरोप है कि जब से बेटी की शादी हुई तभी से दामाद और उसका पूरा परिवार दहेज की मांग कर रहे हैं, अपनी औकात से ज्यादा दहेज दिया था और समय-समय पर कुछ पैसे भी दिए थे। पैसों को लेकर कल दामाद और बेटी के बीच विवाद हुआ था कुछ घंटे बाद सूचना मिली कि बेटी अस्पताल में भर्ती यहां आए तो पता चला कि बेटी छत से गिर गई लेकिन बेटी के शरीर में चोट के निशान जिससे जाहिर होता है कि उसके साथ पहले मारपीट की गई फिर उसे छत से फेंका गया है।
खाना-खजाना का ठेला लगाता है शराबी दामाद
मृतिका के परिवार के लोगों का कहना था कि दामाद श्याम टॉकीज जबलपुर में खाना-खजाना का ठेला लगाता है और जो कमाई होती थी उससे शराब पीकर रोज घर पहंुचता था और बेटी के साथ मारपीट करता था। परिवार का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना हो गई परंतु दामाद और उसके परिवार ने बेटी की कोई मदद नहीं की और न पुलिस मौके पर पहंुची।
22 साल बेटी का पाला, ये तीन साल नहीं रख पाए
बेटी के पिता, भाई और मां ने रेाते हुए कहा कि 22 साल बेटी को बड़े नाजों से पाला उसकी हर इच्छा पूरी की परंतु तीन साल शादी के उसके लिए नरक बन गए। ससुराल पक्ष बेटी को तीन साल ठीक ढंग से नहीं रख पाया। बेटी को प्रताड़ित किया जाता रहा है लेकिन उसकी कही सुनवाई नहीं हुई आखिर में उसकी हत्या कर दी गई।







