भाजपा की सरप्राइज पाॅलीटिक्स ,मंत्री को लेकर अब राजनितिक पंडित भी चुप,’ कुछ भी ‘सम्भव

जबलपुर। भाजपा की ‘सरप्राइज पालिटिक्स’ से जबलपुर की राजनीति इन दिनों सहमी-सहमी सी है। बदलाव की बयार की आहट तो सभी महसूस कर रहे थे, लेकिन ये बदलाव बड़े-बड़े किलों को लांघकर होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। जबलपुर में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है पिछली सरकार की उपेक्षा के बाद जबलपुर के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अब नई सरकार से आस जगी है कि मंत्रिमंडल में उनकी भी भागीदारी होगी। लेकिन छत्रपों को यह डर भी सता रहा है कि जिस तरीके से प्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया है । भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के साथ ही मंत्री पद के दावेदारों के समक्ष यह भी स्पष्ट हो गया था कि इस बार मुकाबला और कड़ा होगा। किंतु दावेदारों को असल डर चौंकाने की राजनीति से लगने लगा है। इससे तक नवनिर्वाचित विधायकों को भी सरकार के गठन से उम्मीद है जिनके समर्थक बाकायदा सोशल मीडिया में अपने विधायक के मंत्री पद में चुने जाने की मुनादी भी कर रहे हैं।
दावेदार अपने-अपने नेताओं को फोन लगाकर यही पूछ रहे हैं कि इस बार मेरा क्या होगा। उनको जवाब दिया जा रहा है कि सब ठीक होगा। लेकिन उन्हें भी पता है कि जो भी होगा, दिल्ली से ही होगा।
आखिर मिनिस्टर इन वेटिंग वाले विधायक तो सभी हैं।







