एमपी में कोहरे की चादर में लिपटे 18 जिले, ट्रेनों पर ब्रेक

एमपी में कोहरे की चादर में लिपटे 18 जिले, ट्रेनों पर ब्रेक
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। शनिवार-रविवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो इस सीजन में प्रदेश का सबसे कम तापमान है। यह पहली बार है जब राज्य में पारा 3 डिग्री के नीचे पहुंचा है।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर विंध्य और ग्वालियर-चंबल अंचल में देखा जा रहा है। रीवा में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
जेट स्ट्रीम का असर: 194 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम ने ठिठुरन बढ़ा दी है। वायुमंडल में 12.6 किमी की ऊंचाई पर 194 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही तेज हवाएं पहाड़ों की बर्फीली ठंड को सीधे मध्यप्रदेश तक खींच ला रही हैं। इसी कारण दिन में भी धूप बेअसर साबित हो रही है और तीखी ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग ने बताया कि रविवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और शहडोल समेत 18 जिलों में ‘घना कोहरा’ छाया रहा। वहीं राजधानी भोपाल समेत सीहोर, विदिशा और रायसेन में मध्यम स्तर का कोहरा दर्ज किया गया।
मुसाफिर परेशान: 8 घंटे तक लेट हुईं ट्रेनें
कोहरे ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तर भारत से आने वाली प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी पीछे चल रही हैं:
मालवा एक्सप्रेस: 6 घंटे की देरी से भोपाल पहुंची। अन्य ट्रेनें: झेलम, शताब्दी, सचखंड और पंजाब मेल भी 6 से 8 घंटे की देरी से चल रही हैं। स्टेशनों पर कड़ाके की ठंड के बीच यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।







