जबलपुर एसपी ऑफिस के पीछे रक्षित निरीक्षक कार्यालय परिसर में अशोक के पेड़ों को लेकर चर्चा, कटाई या छटाई पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार

जबलपुर। शहर के एसपी कार्यालय के पीछे स्थित रक्षित निरीक्षक (आरआई) कार्यालय परिसर में लगे 8 से 10 अशोक के पेड़ों को लेकर इन दिनों चर्चा का माहौल बना हुआ है। परिसर में पेड़ों की बदली हुई स्थिति को देखकर कुछ स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई की आशंका जताई है, वहीं पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को नियमित छटाई (प्रूनिंग) की प्रक्रिया बता रहा है।
पेड़ों की स्थिति बदलने से उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के लोगों के अनुसार, हाल ही में परिसर में लगे अशोक के पेड़ों की शाखाएं काफी हद तक कम नजर आईं, जिससे यह आशंका बनी कि कहीं पेड़ों को काट तो नहीं दिया गया। इस खबर के सामने आते ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता भी व्यक्त की जाने लगी। हालांकि अब तक किसी भी जिम्मेदार विभाग की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है कि पेड़ों को जड़ से हटाया गया है।
पुलिस का पक्ष—“केवल आवश्यक छटाई की गई”
इस मामले में रक्षित निरीक्षक जयप्रकाश आर्य का स्पष्ट कहना है कि“परिसर में किसी भी पेड़ की कटाई नहीं की गई है। पेड़ों की केवल आवश्यक छटाई की गई है, जो सुरक्षा और रखरखाव के तहत नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाओं को व्यवस्थित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।”उन्होंने यह भी बताया कि छटाई के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाता है कि पेड़ों को कोई स्थायी नुकसान न पहुंचे और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संवेदनशील मुद्दा
विशेषज्ञों का मानना है कि पेड़ों की समय-समय पर छटाई आवश्यक होती है, जिससे उनकी वृद्धि संतुलित रहती है और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बनी रहती है। लेकिन यह कार्य वैज्ञानिक तरीके और निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए। अत्यधिक छटाई भी पेड़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए संतुलन बेहद जरूरी है।
पारदर्शिता और स्पष्टता की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में प्रशासन को पहले से सूचना देना और कार्य की प्रकृति स्पष्ट करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति न फैले। फिलहाल यह मामला कटाई बनाम छटाई के दावों और स्पष्टीकरण के बीच बना हुआ है। एक ओर जहां लोगों में शंका बनी हुई है, वहीं पुलिस प्रशासन अपने पक्ष पर कायम है कि केवल नियमित छटाई की गई है।







