35 साल की उम्र सीमा से ऊपर होकर भी बने अध्यक्ष? सौरभ यादव के खिलाफ शिकायत से युवा कांग्रेस में मचा घमासान

मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस में ऑनलाइन चुनाव के जरिए पारदर्शी नेतृत्व चयन के दावे अब सवालों के घेरे में हैं। संगठन के भीतर लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों ने इस प्रयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। ताज़ा मामला जबलपुर की कैंट विधानसभा (99) से निर्वाचित युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ यादव का है, जिन पर चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नामांकन दाखिल करने का गंभीर आरोप लगा है।
शिकायतकर्ता राहुल रजक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब को भेजी शिकायत में दावा किया है कि सौरभ यादव ने अपनी वास्तविक उम्र छिपाकर चुनाव लड़ा। शिकायत के समर्थन में उन्होंने सौरभ यादव की 10वीं कक्षा की मार्कशीट भी संलग्न की है। इस मार्कशीट में सौरभ यादव की जन्मतिथि 28 फरवरी 1986 दर्ज बताई गई है, जबकि संगठन के नियमों के अनुसार, युवा कांग्रेस के चुनाव में वही प्रत्याशी पात्र थे, जिनका जन्म 1 अप्रैल 1990 या उसके बाद हुआ हो।
नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
युवा कांग्रेस ने तीन माह पूर्व राज्यभर में पदाधिकारियों के ऑनलाइन चुनाव कराए थे। इन चुनावों में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट शर्तें निर्धारित थीं:
प्रत्याशी पर कोई आपराधिक प्रकरण न हो
आयु 35 वर्ष से कम हो
पात्रता प्रमाणित करने वाले दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएँ
आरोप यह है कि सौरभ यादव द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की ना तो सही तरीके से जांच की गई और ना ही संगठन स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई। इस लापरवाही ने संगठन की चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवादों से घिरता संगठन
यह मामला युवा कांग्रेस की उन कठिनाइयों को उजागर करता है, जिनसे पारदर्शी निर्वाचन प्रणाली लागू करने के बावजूद पार्टी जूझ रही है। इससे पहले भोपाल नगर अध्यक्ष को लेकर भी शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो सौरभ यादव की सदस्यता और पद दोनों पर संकट गहराने की संभावना है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व मामले की जांच में जुटा है और आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।







