उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- विकास के लिए लिया गया कर्ज ‘ऋण’ नहीं, बल्कि भविष्य का ‘निवेश’ है

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- विकास के लिए लिया गया कर्ज ‘ऋण’ नहीं, बल्कि भविष्य का ‘निवेश’ है
एमपी की वित्तीय ताकत: 55,634 करोड़ का राजस्व संग्रह, विजन-2047 से संवरेगा प्रदेश
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने गुरुवार को प्रदेश की आर्थिक स्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देवड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की वित्तीय स्थिति निरंतर सुदृढ़ हो रही है और वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 55 हजार 634 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने बजट के आकार में निरंतर विस्तार किया है। हर साल बजट में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में विकास की गति थमी नहीं है। विशेषकर वाणिज्य कर और आबकारी विभाग से मिलने वाले राजस्व में लगातार इजाफा हो रहा है।
कर्ज पर विपक्ष को घेरा
अक्सर विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जाने वाले कर्ज के आरोपों का जवाब देते हुए देवड़ा ने कहा, “विपक्ष जिसे कर्ज कहता है, असल में वह प्रदेश के विकास के लिए किया गया ‘निवेश’ है। हम यह पैसा पूंजीगत कार्यों (सड़क, बिजली, सिंचाई, अधोसंरचना) में लगा रहे हैं। इससे न केवल प्रदेश का बुनियादी ढांचा मजबूत हो रहा है, बल्कि लोगों को रोजगार मिल रहा है और स्थानीय धंधे फल-फूल रहे हैं।
2047 का रोडमैप: विकसित और आत्मनिर्भर एमपी
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने ‘विजन 2047’ का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रदेश के विकास का जो खाका खींचा है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के रोडमैप को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में बुनियादी सुधारों के लिए काफी काम हुआ है। सरकार का संकल्प है कि 2047 तक मध्य प्रदेश को पूर्णतः आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाया जाए।







