दधिकांदो महोत्सव में उमड़ा आस्था और उल्लास का सैलाब
25 से अधिक झांकियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह फूटी मटकियां

दधिकांदो महोत्सव में उमड़ा आस्था और उल्लास का सैलाब
25 से अधिक झांकियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह फूटी मटकियां; रात 10 बजे गर्ग चौराहे पहुंचा कारवां

कटनी, यशभारत। दधिकांदो महोत्सव पर रविवार की शाम शहर कृष्णभक्ति और उल्लास के रंग में डूबा नजर आया। शाम 5 बजे श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से भगवान श्री मुरली मनोहर की भव्य शोभायात्रा शुरू हुई। ढोल-ताशों की गूंज, जय श्रीकृष्ण के जयकारों और आकर्षक झांकियों के बीच आगे बढ़ते कारवां के साथ शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।
शोभायात्रा श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से उस्ताद सुक्खन अखाड़ा, खेरमाई, झंडा बाजार, घण्टाघर, हीरागंज, बड़े हनुमानजी, सुभाष चौक और रुई बाजार होते हुए गर्ग चौराहे की ओर बढ़ी। मार्ग में ब्राह्मण समाज, हरे माधव सेवा समिति, यादव समाज सहित विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
घण्टाघर में मटकी फोड़ का रोमांच चरम पर रहा। यहां क्रेन के जरिए काफी ऊंचाई पर मटकी बांधी गई थी। युवाओं की टीम ने मानव पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंच बनाई और उसे फोड़ दिया। मटकी टूटते ही जयकारों और तालियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
शोभायात्रा में 25 से अधिक झांकियां शामिल रहीं। राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चे और युवा आकर्षण का केंद्र बने रहे। कई परिवार अपने नन्हे बच्चों को राधा-कृष्ण की वेशभूषा में लेकर पहुंचे। नन्हे बाल गोपाल की झांकी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। सागर का डमरू-ताशा दल, मेरठ की शिव तांडव झांकी, राजस्थान की मोट-पतलू टीम, जबलपुर के अखाड़े के कलाकारों का व्यायाम प्रदर्शन, सतगुरु अखाड़ा सागर, शिवाजी अखाड़ा और सेवा दल अखाड़ा कुठला के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल में रंग भर दिया। बाबा भोलेनाथ के डमरू नृत्य को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों का हुजूम जमा रहा।
रुई बाजार में मंचीय कार्यक्रम और राजस्थान का कठपुतली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। समिति की ओर से लगाए गए मंच पर कार्यक्रमों के साथ पुरस्कार वितरण किया गया। कठपुतली नृत्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे और काफी देर तक मंच के आसपास भीड़ बनी रही।
शोभायात्रा के सबसे पीछे अखिल ब्रह्मांड नायक गोपाल जी सुसज्जित रथ पर विराजमान रहे। रथ के गुजरने पर श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर दर्शन किए और जयकारों के साथ भगवान का स्वागत किया।
गर्ग चौराहे पर कटनी टेंट लाइट एसोसिएशन की ओर से मंचीय कार्यक्रम के साथ मटकी फोड़ का आयोजन किया गया। काफी ऊंचाई पर बांधी गई मटकी को फोड़ने जबलपुर से आई युवाओं की टीम ने प्रयास शुरू किए। शुरुआती तीन प्रयास सफल नहीं हुए। एक प्रयास के दौरान मानव पिरामिड का संतुलन बिगड़ गया और एक युवक बंधी रस्सी में लटक गया, जबकि पिरामिड नीचे गिर गया। इसके बाद टीम ने फिर हिम्मत जुटाई और चौथे प्रयास में मटकी फोड़कर सफलता हासिल की। इसके साथ ही गर्ग चौराहा तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
शोभायात्रा में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली। विभिन्न स्थानों पर पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहे। यातायात को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी लगातार सक्रिय रहे। पुलिस अधीक्षक द्वारा भी व्यवस्थाओं की निगरानी की जाती रही।
शाम 5 बजे श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से शुरू हुआ शोभायात्रा का कारवां करीब पांच घंटे बाद रात 10 बजे गर्ग चौराहे पहुंचा। यहां मंचीय कार्यक्रम और अन्य आयोजन जारी हैं और दधिकांदो महोत्सव की रौनक बनी हुई है।







