घना कोहरा, सर्द लहर, कड़ाके की ठंड, कांपा शहर
जनजीवन प्रभावित ,अलर्ट जारी , अलाव की दरकार

जबलपुर, यशभारत। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुक्रवार सुबह करीब पौने 8 बजे अचानक मौसम ने करवट बदला और देखते देखते घने कोहरे की चादर ने शहर को ढंक लिया और सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने विवश कर दिया। ठंड से सामान्य जन-जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ. नौकरीपेशा और कामकाजी लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. सुबह तकरीबन 10 बजे के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। मौसम के ठंड तेवरों को देखते हुए अलाव की दरकार भी है।
विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड
आज सुबह भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई है। वाहनों को चलाने में दिक्कत आ रही है और सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। बर्फीली हवाओं के कारण गलन बढ़ गई है और शहर में कड़ाके की सर्दी महसूस हो रही है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है जो सामान्य से दो डिसे कम रहा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र तिवारी ने बताया कि अगले दो तीन दिन मौसम के मिजाज ऐसे ही बने रहेंगे। मौसम विभाग ने जबलपुर मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ जबलपुर के लिए भी शीत लहर और घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
जबलपुर में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई. इसके साथ ही पाला पडऩे से किसान भी अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं. मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में बारिश का भी पूर्वानुमान लगाया है.पश्चिमी विक्षोभ का असर ऐसा है कि सोमवार के बाद मंगलवार की
सुबह भी घने कोहरे के साथ हुई

मैदानी क्षेत्रों में आज सुबह कोहरा इतना घना था कि 50 मीटर दूरी तक कुछ नजर नहीं आ रहा था. हवाओं ने भी अपनी दिशा बदल ली है,जिसके कारण पारा भी तेजी से नीचे गिरा है. इससे अचानक से ठंडक बढ़ गई है. वहीं आने वाले दिनों में पारा और नीचे जाने की संभावना है.
वहीं न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा. गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस कम है. पिछले वर्ष आज के दिन अधिकतम तापमान 27.1 और न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था.
यातायात प्रभावित
घने कोहरे के कारण ट्रेनें और फ्लाइट्स अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर असर:ठंड बढऩे से अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है और अलर्ट ऑरेंज या रेड अलर्ट में भी बदल सकता है।
बचाव के उपाय
ठंड से बचने के लिए उचित सावधानी बरतें:
गर्म कपड़े पहनें और जितना हो सके घर के अंदर ही रहें।
जरूरी होने पर ही यात्रा करें और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें क्योंकि विजिबिलिटी बहुत कम है।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।







