पनागर में कृषि धोखाधड़ी पर नकेल: दो बड़े प्रतिष्ठानों के बीज और उर्वरक लाइसेंस निलंबित

जबलपुर, : जबलपुर जिले के पनागर में कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, दो प्रमुख कृषि प्रतिष्ठानों के बीज और उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, डॉ. एस.के. निगम के निर्देश पर की गई है, जिसका उद्देश्य किसानों को घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों से बचाना और उन्हें विश्वसनीय कृषि सामग्री उपलब्ध कराना है।
अमानक बीज: बायर क्रॉप साइंस पर गिरी गाज
इस कार्रवाई की जद में आने वाले पहले प्रतिष्ठान, मेसर्स बायर क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, पनागर का बीज विक्रय लाइसेंस निलंबित किया गया है। यह निलंबन तब हुआ जब इस प्रतिष्ठान से लिए गए बीज के नमूने परीक्षण में ‘अमानक’ पाए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत दिनों वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं बीज निरीक्षक, पनागर ने इस प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान, गुणवत्ता की जांच के लिए तीन बीज सैंपल लिए गए थे। इन सैंपलों की प्रयोगशाला जांच में यह पाया गया कि वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करते हैं, जो सीधे तौर पर किसानों के साथ धोखाधड़ी और उनकी फसल की पैदावार को प्रभावित करने वाला मामला है।
अनियमितताएं: सोनी कृषि परामर्श केंद्र का उर्वरक लाइसेंस रद्द
इसी श्रृंखला में, पनागर के एक अन्य प्रतिष्ठान, मेसर्स सोनी कृषि परामर्श केंद्र का उर्वरक विक्रय लाइसेंस भी अनियमितताएं पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं बीज निरीक्षक द्वारा किए गए निरीक्षण में इस केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, हालांकि इन अनियमितताओं का विस्तृत ब्यौरा अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि वे उर्वरक वितरण, स्टॉक प्रबंधन या गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित हो सकती हैं।
किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, डॉ. एस.के. निगम ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा, “किसानों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है ताकि वे अपनी फसलों से अधिकतम उत्पादन प्राप्त कर सकें। अमानक उत्पाद बेचने वाले या अनियमितताएं बरतने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि यह निलंबन किसानों को घटिया कृषि आदानों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक आवश्यक कदम है।
डॉ. निगम ने बताया कि दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन से संबंधित आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद, संबंधित कानूनों के तहत आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य कृषि सामग्री विक्रेताओं को भी यह संदेश गया है कि गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन लगातार ऐसे प्रतिष्ठानों पर नजर रख रहा है और किसी भी शिकायत या अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।







