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जर्जर स्कूलों में नहीं लगेंगी कक्षाएं, छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: जबलपुर शिक्षा विभाग


 

 

जबलपुर, जबलपुर जिला शिक्षा विभाग ने आज एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें जर्जर शाला भवनों की समीक्षा और “ह्यूमन कैपिटल फॉर विकसित भारत” विषय पर चर्चा हुई। कार्यशाला में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी कीमत पर जर्जर और असुरक्षित भवनों में कक्षाएं नहीं लगाई जाएंगी, और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।


 

जर्जर भवनों का तत्काल निरीक्षण और कक्षाओं पर रोक

 

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा, और डायट प्राचार्य अजय दुबे उपस्थित थे। कार्यशाला के दूसरे सत्र में, विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों (BRCCs), विकासखंड अकादमिक समन्वयकों (BACs), जनशिक्षकों और उपयंत्रियों को सख्त निर्देश दिए गए। उन्हें अगले दो दिनों के भीतर सभी स्कूलों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाओं का संचालन न हो।

अधिकारियों को शाला भवन के साथ-साथ शौचालय और किचन शेड का भी सूक्ष्म निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। खतरनाक हो चुके भवनों को तत्काल गिराने की कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि शाला भवनों की छतों पर जल भराव न हो और बिजली के तार कटे या खुले न हों। जिन विद्यालयों में निर्माण कार्य चल रहा है, वहां अवरोधक लगाने के निर्देश दिए गए ताकि बच्चे उस ओर न जा सकें। जर्जर और खतरनाक स्थलों पर फ्लेक्स आदि के माध्यम से सूचना प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


 

बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, फंड का सही उपयोग

 

कार्यशाला में सभी अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। शाला अनुदान का उपयोग विद्यार्थियों की सुरक्षा, साफ-सफाई, मरम्मत, जल निकासी, वायरिंग आदि कार्यों में करने के निर्देश दिए गए। यह भी हिदायत दी गई कि परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लें और जर्जर या क्षतिग्रस्त भवनों में चल रहे विद्यालयों या कक्षाओं को अन्य सुरक्षित भवन में शिफ्ट करें। सभी BRCCs और जनशिक्षकों को अपनी निरीक्षण रिपोर्ट से वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराने के लिए भी कहा गया है।


 

“ह्यूमन कैपिटल फॉर विकसित भारत” पर मंथन

 

कार्यशाला के प्रथम सत्र में राज्य शासन के निर्देशानुसार नई शिक्षा नीति के संदर्भ में “ह्यूमन कैपिटल फॉर विकसित भारत” विषय पर गहन चर्चा हुई। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा, डायट प्राचार्य अजय दुबे सहित राज्य विज्ञान शिक्षण संस्थान, प्रांतीय शिक्षा महाविद्यालय और विषय विशेषज्ञों ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण दिया। BRCCs और जनशिक्षकों ने इस विषय पर अपने सुझाव दिए। इस सत्र में बुनियादी कौशल, परिणाम आधारित शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विचार साझा किए गए, जिसमें जोर दिया गया कि पाठ्यक्रम और कक्षाओं का संचालन विकसित भारत के निर्माण के लिए हो और शिक्षा बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए।

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