स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल जेपी अस्पताल में गंदगी और बदहाल व्यवस्थाएं बनी चिंता का विषय
स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल जेपी अस्पताल में गंदगी और बदहाल व्यवस्थाएं बनी चिंता का विषय
भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश सरकार एक ओर प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान और स्वच्छता पखवाड़ा चलाकर साफ सफाई को लेकर जागरूकता का संदेश दे रही है वहीं दूसरी ओर राजधानी भोपाल के जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल की स्थिति सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता दिखाते दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुछ समय पहले तत्कालीन कलेक्टर प्रियंक मिश्रा द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं स्वच्छता और सुविधाओं का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से हालात सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने के संकेत अब तक दिखाई नहीं दे रहे हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल के कई हिस्सों में गंदगी पसरी हुई नजर आती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सीएमएचओ मनीष शर्मा के कार्यालय के ठीक बाहर भी सफाई की अनदेखी साफ दिखाई देती है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जब अधिकारियों के कार्यालय के आसपास ही यह हाल है तो बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।अस्पतालों में स्वच्छता केवल व्यवस्था का हिस्सा नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण रोकने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही कई सवाल खड़े कर रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अस्पताल प्रबंधन के पास सफाई कर्मचारियों की कमी है या फिर व्यवस्थाओं की निगरानी में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि सरकारी अस्पताल होने के कारण व्यवस्थाओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता जबकि यहां प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। फिलहाल देखने वाली बात यह होगी कि सरकार के स्वच्छता अभियान और प्रशासनिक दावों के बीच अस्पताल प्रबंधन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कितना प्रभावी कदम उठाता है।







