जबलपुरभोपालमध्य प्रदेशराज्य

सिया विवाद पर मुख्यमंत्री सख्त दो IAS पर गिरी गाज

सिया विवाद पर मुख्यमंत्री सख्त दो IAS पर गिरी गाज

पूरे मामले पर यश भारत की सटीक रिपोर्टिंग, बड़ी कार्रवाई कि पहले ही दे दी थी जानकारी

भोपाल,यश भारत।सिया विवाद को लेकर यश भारत द्वारा लगातार रिपोर्टिंग की जा रही थी। विवाद की शुरुआत से लेकर मामला कोर्ट पहुंचने तक अलग-अलग बिंदुओं पर यश भारत द्वारा कई खबरें भी ब्रेक की गई थी, साथ ही साथ फरवरी से जो बैठकों में विवाद शुरू हुए थे उस पर भी यश भारत द्वारा इनसाइड स्टोरी प्रकाशित की गई थी और अब इस बड़ी कार्यवाही के बाद पूरे मामले का कहीं ना कहीं पटाछेप हो गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अब पूरा मामला तकनीकी पहलुओं में भी उलझ सकता है साथ ही साथ मंत्रालय द्वारा दी गई अनुमति भी अब संसय के घेरे में है।

बुधबार को राज्य सरकार ने आईएएस नवनीत मोहन कोठारी को पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव, पर्यावरण आयुक्त और पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) के महानिदेशक पद से हटा दिया है। साथ ही सिया चेयरमैन से विवाद को लेकर सुर्खियों में रहीं नवनीत मोहन आईएएस आर उमा कोठारी महेश्वरी को भी एप्को के कार्यकारी निदेशक व सिया की मेंबर सेक्रेटरी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। कोठारी को राज्यपाल के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी पदस्थापना होने तक पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव और एप्को के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल को सौंपा है। एप्को के कार्यकारी निदेशक व सिया के मेंबर सेक्रेटरी का अतिरिक्त प्रभार मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के सीईओ दीपक आर्य को सौंपा है।

सैकड़ो प्रोजेक्ट को दे दी गई थी मंजूरी

सिया चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान ने पिछले माह मुख्य सचिव अनुराग जैन और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सचिव्र को पत्र लिखकर प्रमुख सचिव कोठारी और सदस्य सचिव आर उमा महेश्वरी की शिकायत की थी।

शिकायत में दोनों पर मनमाने ढंग से काम करने और सिया की बैठकें नहीं होने देने का आरोप लगाया था। कहा कि दोनों की खनन माफिया से मिलीभगत है। इस कारण उन्होंने जान-बूझकर सिया की बैठकें नहीं होने दीं। 45 दिन की मियाद पूरी होते ही 237 प्रकरणों में नियम विरुद्ध डीम्ड पर्यावरणीय स्वीकृति जारी कर दी।

फिर खुलकर सामने आया विवाद

कोठारी और महेश्वरी की केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय में भी शिकायत हो चुकी है। कार्मिक मंत्रालय ने पिछले माह 27 जून को संज्ञान लेकर डीओपीटी की विजिलेंस शाखा को मामले की जांच सौंप दी थी। इसी शिकायत के बाद कोठारी के निर्देश पर सिया चेयरमैन के कार्यालय पर एप्को स्टाफ ने तालाबंदी कर दी थी। तालाबंदी का विवाद स्पेन यात्रा पर गए मुख्यमंत्री मोहन यादव तक भी पहुंचा था। इसके बाद सीएम कार्यालय के एसीएस नीरज मंडलोई के दखल पर सिया चेयरमैन का दफ्तर फिर से खोला गया था।

अब कोर्ट में मामला

सिया के बिना अप्रैजल के 24 मई को एक साथ 237 डीम्ड पर्यावरणीय मंजूरी जारी करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर संज्ञान लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय,मप्र सरकार, मुख्य सचिव, चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान, नवनीत मोहन कोठारी, आर उमा महेश्वरी और सीबीआई को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। सिया के चेयरमैन शिव नारायण सिंह चौहान ने बताया कि ट्रांसफर पोस्टिंग करना सरकार का काम हैं। क्यों किया, इस मामले में मुझे कुछ नहीं कहना हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button