CHC पाली में बाहरी जांच का खेला: डॉक्टर पर आरोप, कहते हैं- अस्पताल की रिपोर्ट भरोसेमंद नहीं..!

शहडोल/उमरिया। जिले के पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला ब्लड सैंपल जांच और मरीजों को निजी पैथोलॉजी की ओर भेजने के आरोपों से जुड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, सरकारी अस्पताल में सुविधाएं होने के बावजूद मरीजों को बाहर से जांच कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वार्ड नंबर 2 निवासी मोहम्मद तौसीम ने बताया कि, उनके पड़ोसी राम रतन सोलंकी की तबीयत खराब होने पर, उन्हें स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। यहां डॉक्टर ने इलाज से पहले ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी।
विचारणीय है कि, अस्पताल की पर्ची पर ही एक निजी पैथोलॉजी का मोबाइल नंबर लिखकर दिया गया। जब उन्होंने, उस नंबर पर कॉल किया तो कुछ ही देर में एक व्यक्ति अस्पताल पहुंचा और वहां से ही ब्लड सैंपल लेकर गया। उसने कहा कि, शाम तक रिपोर्ट मिल जाएगी और अस्पताल से ही संपर्क कर लेना। इस पूरी प्रक्रिया ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि सरकारी अस्पताल के भीतर एक निजी व्यक्ति या संस्था से जांच का यह तरीका नियमों के विपरीत माना जा रहा है।
आरोप यह भी है कि, जब उन्होंने डॉक्टर से इस बारे में सवाल किया। तो उन्हें बताया गया कि, अस्पताल की रिपोर्ट भरोसेमंद नहीं होती और स्लाइड में गड़बड़ी रहती है, इसलिए बाहर से जांच कराना बेहतर है। इतना ही नहीं, डॉक्टर की लिखी दवाइयों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि, आयरन और मल्टीविटामिन जैसी सामान्य दवाएं भी बाहर से खरीदने के लिए लिखी जा रही हैं, यह कहकर कि, अस्पताल में उपलब्ध दवाएं प्रभावी नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, अगर यह आरोप सही है, तो यह न सिर्फ मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। बल्कि, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अस्पताल में मौजूद सुविधाओं का उपयोग न कर निजी सेवाओं को बढ़ावा देना, एक गंभीर मामला हो सकता है। जिसकी जांच कराए जाने की आवश्यकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि, जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
इनका कहना है…
इस मामले में जब सीएमएचओ व्ही एस चंदेल से बात की गई तो उन्होंने, कहा- मैं दिखवाता हूं।







