भोपालमध्य प्रदेश

आरक्षण पर सियासी घमासान तेज, कांग्रेस का केंद्र पर सीधा हमला 33% आरक्षण हर हाल में लागू कराएंगे कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने सरकार पर देरी और राजनीति के लगाए आरोप

आरक्षण पर सियासी घमासान तेज, कांग्रेस का केंद्र पर सीधा हमला

33% आरक्षण हर हाल में लागू कराएंगे कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने सरकार पर देरी और राजनीति के लगाए आरोप

भोपाल यश भारत। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की आधी आबादी अब अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस 33% महिला आरक्षण को हर हाल में लागू कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद से पारित हो चुका है और वर्तमान में कानून के रूप में मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इसे लागू करने में अनावश्यक देरी कर रही है। डॉ. नायक के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को देर रात अधिसूचना जारी किया जाना सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के साथ परिसीमन का मुद्दा जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर ही तुरंत आरक्षण लागू किया जाए ताकि महिलाओं को बिना देरी प्रतिनिधित्व मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण व्यवस्था में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को समुचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। साथ ही किसी भी परिसीमन प्रक्रिया में सभी राज्यों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी क्षेत्र की प्रतिनिधित्व क्षमता प्रभावित न हो। सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए डॉ. नायक ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर केंद्र की प्रतिबद्धता संदेह के घेरे में है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 33% आरक्षण देकर ऐतिहासिक पहल की थी और पार्टी हमेशा से महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है।

इसके अलावा उन्होंने महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और कई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं दिखती। अंत में कांग्रेस ने मांग की कि आगामी मानसून सत्र में महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए और इस मुद्दे पर सर्वदलीय सहमति बनाकर ठोस कदम उठाए जाएं।

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