भोपालमध्य प्रदेश

1 अगस्त से मध्य प्रदेश में बस सफर होगा बेहद सस्ता, भोपाल-इंदौर रूट पर किराए में बड़ी कटौती

1 अगस्त से मध्य प्रदेश में बस सफर होगा बेहद सस्ता, भोपाल-इंदौर रूट पर किराए में बड़ी कटौती

भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के लाखों बस यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का पहला चरण 1 अगस्त से शुरू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यात्रियों को कई प्रमुख रूटों पर पहले की तुलना में काफी कम जेब ढीली करनी होगी। विशेष रूप से इंदौर-भोपाल, इंदौर-जबलपुर और इंदौर-ग्वालियर जैसे लंबे रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को एक तरफ के टिकट में 200 से 400 रुपये तक की सीधी बचत होने का अनुमान है।
​किराए का नया वैज्ञानिक फॉर्मूला तय
परिवहन विभाग ने प्रदेश में पहली बार बस किराया तय करने के लिए एक पारदर्शी और वैज्ञानिक फॉर्मूला तैयार किया है। इस नए सिस्टम के तहत बेसिक फेयर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब यात्रियों को हर 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए केवल 125 रुपये का मूल किराया देना होगा। इसी फॉर्मूले के आधार पर अब प्रमुख शहरों के बीच की दूरी का सटीक आकलन कर नई किराया सूची तैयार की जा रही है।

इंदौर बनेगा मुख्य हब, पहले चरण में दौड़ेंगी 250 बसें
सरकार 1 अगस्त से इस योजना को जमीन पर उतारने जा रही है, जिसके तहत पहले चरण में इंदौर को मुख्य हब बनाया गया है। यहां से प्रदेश के अलग-अलग शहरों और जिलों के लिए शुरुआती तौर पर 250 बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए इनमें 50 अंतर्राज्यीय बसें भी शामिल की गई हैं, जिससे पड़ोसी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात की यात्रा भी अब मध्य प्रदेश के भीतर की तरह ही किफायती और सुगम हो जाएगी।

​निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
अब तक राज्य में बस किराया तय करने की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण त्योहारों, छुट्टियों और शादियों के सीजन में निजी बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते थे। नई सुगम बस सेवा से इस समस्या पर पूरी तरह रोक लगने की उम्मीद है। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नया किराया तय करते समय यात्रियों की सुविधा, संचालन लागत और बाजार की प्रतिस्पर्धा जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का बारीकी से ध्यान रखा गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित, सस्ती और भरोसेमंद परिवहन सेवा देना है।

एआई और जीपीएस से लैस होंगी बसें, 3 साल में 5,206 बसों का लक्ष्य
यह पूरी सेवा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर संचालित होगी, जिसे पूरी तरह हाई-टेक बनाया जा रहा है। इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली, कैशलेस टिकटिंग और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से ऐसी 5,206 सुगम बसों को सड़कों पर उतारने का है। इस योजना के शुरू होने से रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, महिलाओं और व्यापारियों को सबसे बड़ी राहत मिलने जा रही है।

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