मानव संग्रहालय में पंजाब की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत पर प्रदर्शनी का आयोजन

मानव संग्रहालय में पंजाब की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत पर प्रदर्शनी का आयोजन
भोपाल यशभारत। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय विभिन्न भारतीय समुदायों की लोक संस्कृति, पारम्परिक तकनीक और जीवन शैली को प्रदर्शित करने हेतु एक महत्त्वपूण राष्ट्रीय संस्थान के रूप में जाना जाता है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत संग्रहालय में पंजाब की बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित एक विशेष प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य दर्शकों को पंजाब के ग्रामीण जीवन, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, धार्मिक आध्यात्मिक परंपराओं तथा सामाजिक सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित कराना है।
पारम्परिक पंजाबी संस्कृति का जीवंत चित्रण इस प्रदर्शनी में पंजाब में प्रयोग किए जाने वाले पारम्परिक दैनिक जीवन के उपकरण, कृषि कर्म के औज़ार, घरेलू वस्तुएं, लोक संगीत व वाद्य, धार्मिक प्रतीक तथा पारंपरिक परिधान आदि शामिल किए जाएंगे। जिनमे लगभग 100 से अधिक विरासत वस्तुओं को प्रदर्शित किए जाने की तैयारी है। पारम्परिक भोजन एवं पाक संस्कृति का परिचय कार्यक्रम में पंजाब के पांच प्रमुख पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रस्तुत किया जाएगा छोले चावल, राजमा चावल, कढ़ी चावल, मक्के की रोटी, सरसों का साग, पिन्नी, पंजाबी म_े आदि पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध रहेंग ये व्यंजन पंजाब की कृषि–आधारित जीवनशैली और स्थानीय खाद्य–संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। धार्मिक आध्यात्मिक परंपराएं और लोक आस्थाएं संग्रहालय के प्राकृतिक परिदृश्य को पंजाब का रूप दिया गया है जहा झूले और सेल्फी पॉइंट के अलावा पंजाबी संगीत की प्रस्तुतियां जैसे शबद कीर्तन, गिद्धा , भांगड़ा का प्रदर्शन होगा संग्रहालय के निदेशक प्रो डा अमिताभ पांडे ने बताया कि, भारत के लोग नामक संग्रहालय की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित इस कड़ी में पंजाब राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के इस कार्यक्रम में स्थानीय सिख एवं पंजाबी समुदाय सहित सभी दर्शको की सहभागिता एक भारत श्रेष्ठ भारत और संग्रहालय के मूल उद्देश्य, सांस्कृतिक चेतना के प्रसार की प्राप्ति में उपयोगी सिद्ध होगा। जिससे दर्शक पंजाब की आध्यात्मिक विरासत की गहराई को समझ सकेंगे।






